Abaan Ahmed Death: माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे आबान अहमद की झांसी में हुए सड़क हादसे में मौत के बाद जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने इस पूरे मामले को भावुक बना दिया है. पुलिस जांच में पता चला कि अबान अपने बड़े भाई अली अहमद से मिलने झांसी जेल जा रहा था.
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हादसे के बाद जब पुलिस और फोरेंसिक टीम ने कार की तलाशी ली तो उसमें दो इंग्लिश लव स्टोरी नॉवेल, चार मोबाइल फोन, गुटखा, सिगरेट और दूसरी चीजें मिलीं. बताया जा रहा है कि ये किताबें अली अहमद के लिए खरीदी गई थीं.
हर 15 दिन में भाई से मिलने जाता था आबान
सूत्रों के मुताबिक, अबान अहमद अपने बड़े भाई अली अहमद से मिलने नियमित रूप से झांसी जेल जाता था. वह करीब हर 15 दिन में प्रयागराज से झांसी पहुंचकर मुलाकात करता था. इस बार भी उसका मकसद सिर्फ अपने भाई से मिलना था. शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे उसकी जेल में मुलाकात तय थी, लेकिन वह वहां तक पहुंच ही नहीं सका.
नैनी जेल से झांसी जेल भेजा गया था अली
अली अहमद पहले प्रयागराज की नैनी जेल में बंद था. पिछले साल अक्टूबर में उसकी बैरक से नकदी मिलने के बाद जेल प्रशासन ने उसे झांसी जेल ट्रांसफर कर दिया था. तभी से परिवार के सदस्य झांसी जाकर उससे मुलाकात करते रहे. इस बार भी अबान उसी सिलसिले में निकला था, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने सब कुछ बदल दिया.
कार से कौन-कौन सी चीजें मिलीं?
हादसे के बाद फोरेंसिक टीम ने दुर्घटनाग्रस्त कार की बारीकी से जांच की. कार के डैशबोर्ड से दो अंग्रेजी उपन्यास 'Stationery of Tehran' और 'The Idiot' बरामद हुए. इसके अलावा चार मोबाइल फोन, गुटखा, सिगरेट, इत्र की शीशी और अन्य सामान भी मिला.
पुलिस ने वाहन से मिले सभी सामान को जब्त कर जांच का हिस्सा बनाया है. साथ ही कार से वैज्ञानिक साक्ष्य भी जुटाए गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि हादसे से जुड़े हर पहलू की जांच की जा रही है.
पोस्टमार्टम के बाद प्रयागराज लाए गए शव
पोस्टमार्टम के बाद अबान अहमद और उसके साथी के शवों को कड़ी सुरक्षा के बीच एंबुलेंस से झांसी से प्रयागराज लाया गया. मेडिकल कॉलेज में जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद परिजन दर्जनों वाहनों के काफिले के साथ शव लेकर हटवा गांव पहुंचे.
हादसे में घायल तीन अन्य लोगों को भी इलाज के लिए प्रयागराज भेजा गया है. पुलिस का कहना है कि दुर्घटना के कारणों की जांच अभी जारी है और सभी तथ्यों की पड़ताल की जा रही है.
पिता अतीक अहमद के बगल में होगी सुपुर्द-ए-खाक
अबान अहमद को जुमे की नमाज के बाद प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा. इसी कब्रिस्तान में उसके पिता अतीक अहमद, चाचा अशरफ और बड़े भाई असद की कब्रें पहले से मौजूद हैं. परिवार की ओर से अबान की कब्र अतीक अहमद की कब्र के ठीक बगल में तैयार कराई गई है.
वहीं, उसके साथी शाकिर उर्फ सोनू को हटवा गांव के कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा. अंतिम संस्कार के दौरान किसी भी स्थिति से निपटने के लिए हटवा गांव और कसारी-मसारी कब्रिस्तान के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है.
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