अयोध्या राम मंदिर का नकली प्रसाद कहां बेचा जा रहा? लग गया एक लाख का जु्र्माना

यूपी तक

• 05:49 PM • 19 Aug 2026

Ayodhya Ram Mandir Prasad: अयोध्या राम मंदिर के प्रसाद के नाम पर सामान्य मिठाइयां बेचने के मामले में अमेजन पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने कंपनी को 15 दिनों के भीतर जुर्माना जमा करने का निर्देश दिया है.

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अयोध्या राम मंदिर के प्रसाद के नाम पर सामान्य मिठाइयां बेचने के मामले में अमेजन पर कार्रवाई हुई है. केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने अमेजन पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. कंपनी को रकम 15 दिनों के भीतर जमा करने का निर्देश दिया गया है.

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मामला तब सामने आया जब अमेजन पर घी के लड्डू, खोया लड्डू और पेड़े जैसे सामान्य मिठाई उत्पादों को 'श्री राम मंदिर अयोध्या प्रसाद' और 'भगवान राम के आशीर्वाद' जैसे नामों के साथ बेचा जा रहा था. 

किस कंपनी की मिठाई थी?

CCPA के मुताबिक, चंडू ट्रेडिंग कंपनी 'बिहारी ब्रदर्स' ब्रांड के तहत इन मिठाइयों को अमेजन पर बेच रही थी. इनमें घी के लड्डू, खोया लड्डू, बूंदी लड्डू और गाय के दूध का पेड़ा शामिल थे.

इन सामान्य मिठाइयों को अयोध्या के राम मंदिर के प्रसाद के तौर पर पेश किया जा रहा था. हालांकि, इनके लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कोई आधिकारिक मंजूरी नहीं थी.

भक्तों को असली प्रसाद होने का हो सकता था भ्रम

CCPA की मुख्य आयुक्त निधि खरे और आयुक्त अनुपम मिश्रा ने मामले में सख्त रुख अपनाया. प्राधिकरण ने कहा कि 'श्री राम मंदिर अयोध्या प्रसाद' जैसे नाम को देखकर भक्त स्वाभाविक रूप से इसे मंदिर का असली प्रसाद समझ सकते हैं.

CCPA के मुताबिक, बिना अनुमति धार्मिक संस्थान के नाम का इस तरह व्यावसायिक इस्तेमाल करोड़ों उपभोक्ताओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा सकता है.

सिर्फ राम मंदिर नहीं, इन धार्मिक संस्थानों पर भी लागू होगा नियम

CCPA ने साफ किया है कि कार्रवाई सिर्फ अयोध्या राम मंदिर तक सीमित नहीं रहेगी. अमेजन को 10 प्रमुख धार्मिक संस्थानों के नाम पर 'प्रसाद', 'महाप्रसाद' या 'भोग' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने से पहले संबंधित संस्था की प्रमाणित अनुमति सुनिश्चित करनी होगी.

इनमें राम जन्मभूमि, तिरुपति देवस्थानम, माता वैष्णो देवी, काशी विश्वनाथ और जगन्नाथ मंदिर समेत प्रमुख धार्मिक संस्थान शामिल हैं. बिना आधिकारिक अनुमति किसी धार्मिक संस्था के नाम पर प्रसाद बताकर कोई उत्पाद ऑनलाइन लिस्ट नहीं किया जा सकेगा.

अमेजन सिर्फ 'बिचौलिया' कहकर नहीं बच सकता

CCPA ने अमेजन की जिम्मेदारी को लेकर भी स्पष्ट रुख अपनाया है. प्राधिकरण के मुताबिक, कंपनी सिर्फ यह कहकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती कि वह एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या 'मध्यस्थ' है.

अमेजन को अपने प्लेटफॉर्म पर विक्रेता की पूरी जानकारी और शिकायत अधिकारी की जानकारी साफ तौर पर उपलब्ध करानी होगी. साथ ही धार्मिक संस्थानों के नाम पर 'प्रसाद', 'महाप्रसाद' या 'भोग' जैसे दावों वाले उत्पादों की लिस्टिंग में नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा.

जनवरी 2024 में हुई थी शिकायत

इस मामले में कार्रवाई कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) की ओर से जनवरी 2024 में दर्ज कराई गई शिकायत के बाद हुई. शिकायत के बाद CCPA ने मामले की जांच की और पाया कि सामान्य मिठाइयों को अयोध्या राम मंदिर के प्रसाद के तौर पर पेश किया जा रहा था, जबकि इसके लिए मंदिर ट्रस्ट से कोई प्रमाणित अनुमति नहीं ली गई थी.