Vinesh Phogat News: विनेश फोगाट ने भारतीय कुश्ती जगत से जुड़े एक बड़े मामले में पहली बार खुलकर अपनी बात सामने रखी है. उन्होंने स्वीकार किया है कि वह उन 6 महिला पहलवानों में शामिल हैं, जिन्होंने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे.
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WFI और चयन प्रक्रिया पर लगे आरोप
विनेश ने एक वीडियो संदेश जारी कर बताया कि वह पहले अपनी पहचान उजागर नहीं करना चाहती थीं क्योंकि मामला अभी अदालत में विचाराधीन है और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार पीड़ितों की पहचान गोपनीय रखी जानी चाहिए. लेकिन मौजूदा परिस्थितियों और वापसी में आ रही दिक्कतों के कारण उन्होंने अब सामने आने का फैसला किया. उन्होंने WFI पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. विनेश का कहना है कि 2026 एशियन गेम्स से पहले होने वाले ट्रायल्स को उत्तर प्रदेश के गोंडा में कराया जा रहा है, जो बृजभूषण शरण सिंह का गढ़ माना जाता है. उनका आरोप है कि यह मुकाबला एक निजी कॉलेज में आयोजित किया जा रहा है, जिससे निष्पक्ष चयन पर सवाल उठते हैं.
बृजभूषण के प्रभाव को लेकर गंभीर आरोप
विनेश ने कहा कि वह खुद उन छह पीड़ितों में से एक हैं जिन्होंने शिकायत दर्ज कराई थी और जिनकी गवाही अभी चल रही है. ऐसे माहौल में किसी खिलाड़ी के लिए बेहतर प्रदर्शन करना मुश्किल हो जाता है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भले ही बृजभूषण अब आधिकारिक पद पर नहीं हैं लेकिन कुश्ती संघ पर उनका प्रभाव अभी भी बना हुआ है.
जंतर-मंतर धरने से शुरू हुआ था कुश्ती विवाद
इस पूरे विवाद की शुरुआत साल 2023 में हुई थी, जब विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया जैसे दिग्गज पहलवानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबे समय तक धरना दिया था. उस दौरान पुलिस कार्रवाई की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना भी हुई थी और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने भी चिंता जताई थी. हालांकि बृजभूषण शरण सिंह ने सभी आरोपों से इनकार किया है. एक मामले में उन्हें राहत मिल चुकी है लेकिन अन्य मामलों की सुनवाई अभी जारी है.
करीब 18 महीने के ब्रेक के बाद विनेश फोगाट अब वापसी की तैयारी कर रही हैं. उन्होंने कहा कि गोंडा में होने वाले ट्रायल्स में हिस्सा लेना उनके लिए मानसिक रूप से काफी कठिन होगा. इस बयान के बाद भारतीय खेल व्यवस्था और कुश्ती संघ की पारदर्शिता को लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं.
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