बंगाल चुनाव रिजल्ट से पहले अखिलेश यादव ने दिया बड़ा बयान, ममता बनर्जी को लेकर कर दी ये बड़ी भविष्यवाणी

Akhilesh Yadav on Bengal Elections: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है. उनका यह बयान पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के 4 मई को आने से ठीक पहले सामने आया है.

Akhilesh Yadav File Photo

यूपी तक

03 May 2026 (अपडेटेड: 03 May 2026, 04:01 PM)

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Akhilesh Yadav on Mamata Banerjee: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है. उनका यह बयान पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के 4 मई को आने से ठीक पहले सामने आया है. पश्चिम बंगाल की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी के बारे में कहा कि 'दीदी बंगाल में थीं और रहेंगी.' साथ ही उन्होंने महंगाई, चुनाव प्रक्रिया और तकनीकी सिस्टम को लेकर बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए.

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अखिलेश यादव ने कहा कि 'बीजेपी झूठ की सोनपापड़ी बनाती है और एक झूठ पर दूसरा झूठ फैलाती रहती है.' उन्होंने दावा किया कि उन्होंने पहले ही कहा था कि चुनाव के बाद महंगाई बढ़ेगी और अब डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ने से सभी चीजें महंगी हो जाएंगी. उनके अनुसार ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम जनता की रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ता है, जिससे महंगाई और बढ़ जाती है. साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने कभी महंगाई को रोकने की कोशिश नहीं की और न ही अपने समर्थकों को ज्यादा मुनाफा कमाने से रोका.


अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि इलेक्शन कमीशन एक संवैधानिक संस्था है लेकिन उत्तर प्रदेश में रामपुर सहित उपचुनावों के दौरान उन्होंने देखा कि चुनाव आयोग ने बीजेपी के साथ मिलकर पहले ‘मॉकड्रिल’ की थी. उन्होंने आरोप लगाया कि अब इसी तरह की एक 'पैरेलल स्ट्रक्चर' बंगाल में भी तैयार किया गया है.

उन्होंने आगे तकनीक और चुनाव प्रणाली पर भी सवाल खड़े किए. अखिलेश यादव ने कहा कि अगर स्मार्ट मीटर में गड़बड़ी हो सकती है तो इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में भी गड़बड़ी संभव है. उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में एक मोबाइल अलर्ट आया, जिसमें मोबाइल बंद होने के बावजूद अलर्ट प्राप्त हुआ, जिससे यह सवाल उठता है कि तकनीक के जरिए छेड़छाड़ कैसे संभव नहीं हो सकती. इस तरह अखिलेश यादव ने बीजेपी, चुनाव आयोग, तकनीक और महंगाई को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए और केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए.