ADM ज्योति मौर्य के पति लड़ेंगे चुनाव? आलोक मौर्य ने यूपी Tak से बातचीत में दिया बड़ा हिंट

Alok Maurya and Jyoti Maurya News: पिछले काफी समय से सोशल मीडिया और समाचारों की सुर्खियों में रहने वाले ADM ज्योति मौर्य के पति आलोक मौर्य अब अपनी व्यक्तिगत और पेशेवर जिंदगी को एक नया मोड़ देने की कोशिश कर रहे हैं.

Jyoti Maurya and Alok Maurya (File Photo)

यूपी तक

• 10:31 AM • 04 May 2026

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UP News: पिछले काफी समय से सोशल मीडिया और समाचारों की सुर्खियों में रहने वाले ADM ज्योति मौर्य के पति आलोक मौर्य अब अपनी व्यक्तिगत और पेशेवर जिंदगी को एक नया मोड़ देने की कोशिश कर रहे हैं. आलोक न केवल अपनी गंभीर बीमारी का इलाज करा रहे हैं, बल्कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए अपने बिखरते रिश्तों को सहेजने की कोशिश में भी जुटे हैं. इसके साथ ही, वे अब राजनीति और समाज सेवा के क्षेत्र में भी अपनी सक्रियता बढ़ा रहे हैं.

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आलोक मौर्य और उनकी पत्नी ज्योति मौर्य के बीच का विवाद फिलहाल कोर्ट में है. आलोक का कहना है कि अदालत के निर्देशानुसार वर्तमान में उनके बीच समझौता प्रक्रिया चल रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि एक बार जब रिश्ते टूटते हैं, तो उन्हें जोड़ना कठिन होता है, लेकिन बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए वे पूरी कोशिश कर रहे हैं कि परिवार फिर से बस जाए. आलोक के अनुसार, न्यायालय ने भी उन्हें आपसी बातचीत से मामला सुलझाने का समय दिया है.

किस बीमारी से जूझ रहे आलोक मौर्य?

आलोक मौर्य इन दिनों फिस्टुला इन एनो नामक बीमारी से पीड़ित हैं. उन्होंने बताया कि करीब दो साल पहले मुंबई में उनका ऑपरेशन हुआ था, लेकिन समस्या पूरी तरह ठीक नहीं हुई और शरीर के अंदर कई ट्रैक बन गए. मेदांता अस्पताल में इलाज के बाद भी पूर्ण आराम न मिलने पर, अब वे प्राकृतिक और आयुर्वेदिक चिकित्सा का सहारा ले रहे हैं. उनका मानना है कि पारिवारिक तनाव भी कहीं न कहीं उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रहा है.

राजनीति में कदम और 'पुरुष आयोग' की मांग

जनता के बीच बढ़ती लोकप्रियता और शुभचिंतकों की सलाह के बाद आलोक मौर्य अब 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमा सकते हैं. उन्होंने बताया कि कई राजनीतिक दलों ने उनसे संपर्क किया है, लेकिन वे किसी भी पार्टी का चुनाव जनता के सुझावों के आधार पर ही करेंगे. राजनीति में आने का उनका मुख्य उद्देश्य देश सेवा और एक पुरुष आयोग के गठन के लिए संघर्ष करना है. उनका तर्क है कि जैसे महिलाओं के लिए सुरक्षा तंत्र मौजूद है, वैसे ही पुरुषों को भी अपनी बात रखने के लिए एक संवैधानिक मंच मिलना चाहिए, ताकि पारिवारिक प्रताड़ना के कारण होने वाली आत्महत्याओं को रोका जा सके.

आलोक मौर्य राजनीति के साथ-साथ अपनी पढ़ाई पर भी ध्यान दे रहे हैं. उन्होंने हाल ही में PCS 2024, 2025 और समीक्षा अधिकारी की परीक्षाएं दी हैं. उनका कहना है कि वे इंतकाम लेने के बजाय खुद को मजबूत बनाने में विश्वास रखते हैं. वे जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को दूर करना चाहते हैं और खुद को एक 'डाउन टू अर्थ' व्यक्ति के रूप में देखते हैं, जिससे आम आदमी और बेरोजगार युवा आसानी से अपनी बात कह सकें.