UP Weather Update: भीषण गर्मी, लू और चिलचिलाती धूप से बेहाल उत्तर प्रदेश के करोड़ों लोगों के लिए राहत भरी खबर आ रही है. मौसम विभाग (IMD) के ताजा संकेतों के बीच अब प्रदेशवासियों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि यूपी में मॉनसून की एंट्री कब होगी. देश के दक्षिणी हिस्से में मॉनसून के कदम आगे बढ़ने के साथ ही उत्तर प्रदेश में भी झमाझम बारिश के आगमन को लेकर उल्टी गिनती शुरू हो गई है.
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पिछली साल (2025) यूपी में कब आया था मॉनसून?
अगर पिछले साल यानी 2025 की बात करें, तो उत्तर प्रदेश में मॉनसून की एंट्री सामान्य समय से थोड़ी देरी से हुई थी. आमतौर पर यूपी में मॉनसून के आगमन की सामान्य तारीख 18 से 22 जून के बीच मानी जाती है, जो पूर्वी उत्तर प्रदेश (सोनभद्र और बलिया के रास्ते) से प्रवेश करता है. हालांकि, पिछले साल जून के तीसरे हफ्ते के आखिर में मॉनसून ने उत्तर प्रदेश में दस्तक दी थी, जिसके बाद पूरे प्रदेश में बारिश का सिलसिला शुरू हुआ था.
इस साल (2026) कब आ सकता है यूपी में मॉनसून?
मौसम वैज्ञानिकों और मौसम विभाग (IMD) के शुरुआती अनुमानों के अनुसार, इस साल उत्तर प्रदेश में मॉनसून अपने तय समय के आसपास या जून के चौथे सप्ताह की शुरुआत में दस्तक दे सकता है. अनुमान जताया जा रहा है कि 20 से 24 जून के बीच मॉनसून पूर्वी उत्तर प्रदेश के रास्ते राज्य में प्रवेश कर सकता है. इसके बाद वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज होते हुए यह आगे बढ़ेगा. पूर्वी हिस्सों को भिगोने के बाद मॉनसून की रफ्तार के आधार पर यह 27 से 30 जून के बीच राजधानी लखनऊ, कानपुर सहित दिल्ली से सटे नोएडा, गाजियाबाद और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों को कवर कर सकता है.
कैसी हैं प्री-मॉनसून गतिविधियां?
मॉनसून के आधिकारिक आगमन से पहले ही जून के दूसरे और तीसरे हफ्ते में यूपी के कई हिस्सों में प्री-मॉनसून बारिश और आंधी-तूफान की गतिविधियां देखने को मिलेंगी, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी.
केरल में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने दी दस्तक
उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश के लिए सबसे बड़ी और अच्छी खबर यह है कि देश में मॉनसून का आधिकारिक सफर शुरू हो चुका है. मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आज यानी 04 जून 2026 को केरल में प्रवेश कर लिया है. केरल में मॉनसून की इस एंट्री के साथ ही अब देश के अन्य राज्यों में इसके आगे बढ़ने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है. आगामी दिनों में यह कर्नाटक, तमिलनाडु और महाराष्ट्र होते हुए मध्य और उत्तर भारत की ओर बढ़ेगा.
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