UP Weather Update: अगले 24 घंटे के अंदर यूपी में होगी बारिश... मौसम विभाग ने इन जिलों में जारी किया अलर्ट

UP Weather Update: उत्तर प्रदेश में 27 अप्रैल तक लू का प्रकोप जारी रहेगा, लेकिन 26 अप्रैल से पश्चिमी विक्षोभ के कारण मेरठ, नोएडा और सहारनपुर समेत कई जिलों में बारिश की संभावना है.

UP Weather Update

यूपी तक

25 Apr 2026 (अपडेटेड: 25 Apr 2026, 08:57 AM)

follow google news

UP Weather Update: उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है. मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, जल्द ही बादलों की आवाजाही और छिटपुट वर्षा का सिलसिला शुरू होने वाला है. जहां अभी पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वांचल तक सूर्य देव के तीखे तेवर बरकरार हैं, वहीं 26 अप्रैल से सक्रिय होने वाला एक नया पश्चिमी विक्षोभ मौसम की सूरत बदल देगा.

यह भी पढ़ें...

27 अप्रैल तक लू का कहर

मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि आगामी 2-3 दिनों तक तापमान में मामूली बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे 27 अप्रैल तक लू की स्थिति बनी रहेगी. वाराणसी, प्रयागराज और हरदोई जैसे जिलों में लू की स्थितियां बनी हुई हैं. मेरठ, आगरा, शाहजहांपुर और अलीगढ़ में भी भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है. यहां कहीं-कहीं रात के तापमान में भी बढ़ोतरी की संभावना है. लखनऊ में भी 25 और 26 अप्रैल को कहीं-कहीं लू की स्थितियां बन सकती हैं.

26 अप्रैल से बारिश का दौर, कहां-कहां बरसेंगे मेघ?

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 26 अप्रैल से उत्तर प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव आएगा. एक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बारिश का रूट कुछ इस प्रकार रहने का अनुमान है. बारिश का सिलसिला 26 अप्रैल को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों से शुरू होगा. इसमें नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, बागपत, सहारनपुर और शामली जैसे क्षेत्रों में मेघ बरस सकते हैं और छिटपुट वर्षा हो सकती है. यह बारिश का दौर धीरे-धीरे पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ेगा. 27 अप्रैल के बाद बारिश की तीव्रता में वृद्धि होने की संभावना है, जिससे वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर और आसपास के जिलों में भी राहत की बौछारें पड़ सकती हैं.

इस बदलाव के कारण प्रदेश के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे 27 अप्रैल के बाद लू की स्थितियों में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है. मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में निचले क्षोभ मंडल में आ रही गर्म हवाओं और महाराष्ट्र के पास बने प्रतिचक्रवात की वजह से गर्मी अधिक है, लेकिन आगामी विक्षोभ इस तपन को शांत करने में मददगार साबित होगा.