UP Weather Update: उत्तर प्रदेश में मॉनसून पूरी तरह एक्टिव हो चुका है जिससे प्रदेशवासियों को भीषण उमस और गर्मी से बड़ी राहत मिली है. तापमान में आई गिरावट के बीच मौसम विभाग ने 3 जुलाई के लिए पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया है. लखनऊ मौसम केंद्र के मुताबिक 3 जुलाई को पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ अच्छी बौछारें पड़ने की अत्यधिक संभावना है. इसके साथ ही बुंदेलखंड और पूर्वांचल के कई जिलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली का संकट मंडरा रहा है.
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मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 3 जुलाई को उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना बहुत अधिक है. मुख्य रूप से बांदा, चित्रकूट, महोबा, झांसी, ललितपुर और सोनभद्र जिलों और इनके आस-पास के क्षेत्रों को अलर्ट पर रखा गया है.
मेघगर्जन और वज्रपात से 40 से ज्यादा जिले प्रभावित
भारी बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने प्रदेश के एक बड़े हिस्से में आकाशीय बिजली गिरने और बादलों की तेज गड़गड़ाहट को लेकर येलो अलर्ट जारी की है. 3 जुलाई को जिन प्रमुख जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात की आशंका जताई गई है उनमें प्रयागराज, कौशाम्बी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर (भदोही), जौनपुर और गाजीपुर, कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव, रायबरेली, फर्रुखाबाद और कन्नौज, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर (नोएडा), बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर और जालौन जैसे जिले शामिल हैं.
पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश का हाल
मौसम केंद्र लखनऊ के पूर्वानुमान पत्र के अनुसार, 3 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश दोनों ही संभागों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश की बौछारें पड़ने की पूरी संभावना बनी हुई है, हालांकि, मॉनसून के अगले दो-तीन दिनों में पूरी तरह से छा जाने के बाद 4 और 5 जुलाई को बारिश की रफ्तार और अधिक तेज (अनेक स्थानों पर) होने की उम्मीद है.
आम जनजीवन और किसानों के लिए जरूरी सलाह
भारी बारिश और बिजली कड़कने के दौरान मौसम विभाग ने आम लोगों और विशेषकर किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है.
आम जनता के लिए: बिजली कड़कने के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग कर दें. सुरक्षित पक्के मकानों में आश्रय लें और पेड़ों या कमजोर ढांचों के नीचे खड़े होने से बचें.
किसानों के लिए: मक्का, धान, गन्ना और खरीफ फसलों के खेतों में जलभराव न होने दें और अतिरिक्त पानी की निकासी की उचित व्यवस्था तुरंत करें. तेज हवा या बिजली चमकने के दौरान कृषि कार्यों को कुछ समय के लिए रोक दें.
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