Tinnu Yadav Brother Exclusive:अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में हर दिन नए और चौंकाने वाले मोड़ सामने आ रहे हैं. इस महाघोटाले की जांच जहां एक तरफ एसआईटी कर रही है, वहीं दूसरी तरफ इस मामले के मुख्य आरोपियों में से एक टिन्नू यादव के सगे भाई दिनेश यादव ने यूपी Tak से खास बातचीत में कई सनसनीखेज दावे किए हैं. दिनेश यादव का आरोप है कि इस पूरे मामले में बड़ी मछलियों को बचाने के लिए उनके भाई टिन्नू यादव को बलि का बकरा बनाया जा रहा है. उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा पर भी सीधे तौर पर पल्ला झाड़ने का आरोप लगाया है.
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"आज तक कोई लफड़ा नहीं, मेरा भाई पूरी तरह निर्दोष है"
यूपी Tak से बातचीत में टिन्नू यादव के सगे भाई दिनेश यादव ने कहा कि उनके भाई का स्वभाव बेहद अच्छा रहा है. उन्होंने बताया 'टिन्नू पर आज तक कोई एक भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है और न ही कभी उनका किसी से कोई लफड़ा रहा है. बचपन से साथ पले-बढ़े होने के नाते वह जानते हैं कि टिन्नू ऐसा काम नहीं कर सकता. अचानक इतने गंभीर आरोप लगना पूरी तरह से गलत और निराधार है. यह भगवान ही जानता है कि आखिर यह सब कैसे और क्यों हो गया.
चंपत राय के साथ 20 साल का रिश्ता
दिनेश यादव ने खुलासा किया कि टिन्नू यादव पिछले 20 सालों से चंपत राय के बेहद करीबी रहे हैं और उनके साथ काम कर रहे थे. चंपत राय से पहले टिन्नू ने महेंद्र नारायण सिंह और प्रमण जी के साथ भी लंबे समय तक काम किया था. दिनेश ने भावुक और आक्रोशित लहजे में कहा कि चंपत राय चाहते तो टिन्नू के लिए कुछ कर सकते थे, क्योंकि टिन्नू ने इतने वर्षों तक उनकी सेवा की थी. लेकिन मुसीबत आने पर बड़े लोगों ने अपना पल्ला झाड़ लिया है.
अनिल मिश्रा ने टिन्नू पर डाल दी जिम्मेदारी
बीते दिनों ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा से हुई पूछताछ में उन्होंने पूरी जिम्मेदारी टिन्नू यादव पर मढ़ दी थी. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए दिनेश यादव ने कहा 'ट्रस्ट के अध्यक्ष और सर्वेसर्वा तो वही बड़े लोग हैं. इसलिए वे अपनी गर्दन बचाने के लिए सारा दोष टिन्नू यादव पर डाल रहे हैं. यह सीधे तौर पर छोटी मछलियों को फंसाने और बड़ी मछलियों को बचाने का खेल चल रहा है.'
बरामदगी की रकम पर उठाए सवाल
अखबारों में टिन्नू यादव को बड़ा अपराधी दिखाए जाने पर दिनेश ने कड़ा ऐतराज जताया. उन्होंने कहा कि उनके भाई के पास से मात्र 1 लाख रुपये की बरामदगी बताई जा रही है. जबकि इस केस में बाकियों के यहाँ से 18 लाख, 20 लाख और 30 लाख रुपये तक रिकवर हुए हैं. ऐसे में टिन्नू को सबसे बड़ा अपराधी बताना पूरी तरह गलत है.
जब उनसे पूछा गया कि अयोध्या के वकीलों ने इस मामले में आरोपियों का केस लड़ने से मना कर दिया है तो लीगल राइट्स के तहत वे भाई को बाहर कैसे लाएंगे? इस पर दिनेश ने हताशा जताते हुए कहा कि अब जो करेंगे भगवान करेंगे. देश में न्यायालय है और सरकार की व्यवस्था है, अदालत ही अब न्याय करेगी. परिवार इस वक्त बेहद हताश है और अभी कोई भी सामने आने या कहीं जाने को तैयार नहीं है.
यूपी तक की ग्राउंड रिपोर्ट
टिन्नू यादव के भाई दिनेश यादव के इन बयानों ने अयोध्या पुलिस और एसआईटी की जांच पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस सूत्रों के मुताबिक टिन्नू यादव की अरेस्टिंग हो चुकी है और उन्हें मुख्य आरोपी माना जा रहा है. लेकिन दिनेश यादव के दावों के बाद यह सवाल गहरा गया है कि क्या इस घोटाले के पीछे कुछ ऐसे रसूखदार नाम भी हैं जो जांच की आंच से बचे हुए हैं? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के बाद एसआईटी ने 15 दिन का अतिरिक्त समय लिया है और अब देखना यह होगा कि 15 जुलाई को आने वाली रिपोर्ट में कौन-कौन सी 'बड़ी मछलियां' जाल में फंसती हैं.
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