Budget 2026 High-Speed Rail Corridors: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में 'विकसित भारत' के विजन को रफ्तार देते हुए बुनियादी ढांचे के लिए पिटारा खोल दिया है. बजट 2026 की सबसे बड़ी घोषणाओं में से एक 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान है. यह कॉरिडोर शहरों के बीच 'ग्रोथ कनेक्टर' के रूप में काम करेंगे, जिससे यात्रा का समय घटने के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को नई ऊंचाई मिलेगी.
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वाराणसी के लिए 'डबल धमाका'
उत्तर प्रदेश के वाराणसी के लिए यह बजट बेहद खास रहा. घोषित किए गए 7 कॉरिडोर में से 2 वाराणसी से होकर गुजरेंगे, जो पूर्वांचल के विकास में मील का पत्थर साबित होंगे:
दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड कॉरिडोर: देश की राजधानी से सीधे जुड़ाव.
वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड कॉरिडोर: उत्तर प्रदेश को सीधे नॉर्थ-ईस्ट के द्वार (पश्चिम बंगाल) से जोड़ेगा.
ये हैं वो 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर:
वित्त मंत्री ने इन रूटों पर हाई-स्पीड रेल नेटवर्क विकसित करने का प्रस्ताव रखा है:
मुंबई – पुणे
पुणे – हैदराबाद
हैदराबाद – बेंगलुरु
हैदराबाद – चेन्नई
बेंगलुरु – चेन्नई
दिल्ली – वाराणसी
वाराणसी – सिलीगुड़ी
इंफ्रास्ट्रक्चर पर 12.2 लाख करोड़ रुपये का निवेश
सरकार ने विकास की गति को तेज करने के लिए सरकारी कैपेक्स (Capital Expenditure) को बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ करने का प्रस्ताव दिया है. इसके अलावा, शहरी आर्थिक क्षेत्रों के विकास के लिए अगले 5 वर्षों में हर क्षेत्र पर 5000 करोड़ रुपये का आवंटन किया जाएगा.
जलमार्ग और जहाजरानी: वाराणसी और पटना को नई पहचान
रेलवे के साथ-साथ जलमार्गों पर भी बड़ा फोकस रहा. वाराणसी और पटना में जहाजों की मरम्मत की सुविधा स्थापित की जाएगी.
20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग: अगले 5 वर्षों में 20 नए नेशनल वाटरवेज शुरू किए जाएंगे.
सी-प्लेन (Sea Plane): कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए समुद्री विमान वीजीएफ (VGF) योजना शुरू होगी और स्वदेशी सी-प्लेन निर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा.
तटीय शिपिंग: 2047 तक तटीय व्यापार का हिस्सा बढ़ाकर 12% करने का लक्ष्य रखा गया है.
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