योगी सरकार के 9 साल: मिल गईं 9 लाख नौकरियां, 2 लाख से ज्यादा पुलिस भर्तियों से मजबूत हुआ तंत्र

UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'नव निर्माण के 9 वर्ष' पुस्तक के विमोचन के दौरान उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और रोजगार के क्षेत्र में आए क्रांतिकारी बदलावों को रेखांकित किया. इसमें 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां, आधुनिक पुलिसिंग, पुलिस प्रशिक्षण में वृद्धि और पूरे प्रदेश में सांप्रदायिक सौहार्द को मजबूत बनाने के उपाय शामिल हैं.

यूपी तक

• 05:09 PM • 18 Mar 2026

follow google news

UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को 'नव निर्माण के 9 वर्ष' पुस्तक का विमोचन करते हुए उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और रोजगार के क्षेत्र में आए क्रांतिकारी बदलावों का लेखा-जोखा पेश किया. सीएम ने स्पष्ट किया कि पिछले 9 वर्षों में सरकार की साफ नीयत और ठोस नीतियों के कारण आज उत्तर प्रदेश देश में सुरक्षा का एक 'मजबूत मॉडल' बनकर उभरा है. 

यह भी पढ़ें...

रोजगार का '9 साल-9 लाख' फॉर्मूला

मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जाता था और भर्ती प्रक्रियाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती थीं. योगी सरकार ने अपने 9 वर्षों के कार्यकाल में 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं. इसमें सबसे बड़ा हिस्सा पुलिस विभाग का है, जहां 2 लाख 19 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की पारदर्शी तरीके से भर्ती की गई है. इन भर्तियों में अनिवार्य रूप से 20 प्रतिशत महिलाओं को शामिल किया गया है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है.

ट्रेनिंग क्षमता में 20 गुना बढ़ोत्तरी

सीएम योगी ने 2017 के उन दिनों को याद किया जब 30 हजार पुलिसकर्मियों की ट्रेनिंग के लिए प्रदेश में केवल 3 हजार की क्षमता थी. उन्होंने बताया कि आज उत्तर प्रदेश इतना आत्मनिर्भर हो चुका है कि वर्ष 2025 में भर्ती हुए 60,244 पुलिसकर्मियों को प्रदेश के भीतर ही विश्वस्तरीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है. ये जवान नवरात्रि के तुरंत बाद फील्ड में तैनात होकर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करेंगे. 

आधुनिक पुलिसिंग और कमिश्नरेट सिस्टम

प्रदेश की पुलिस को हाई-टेक बनाने के लिए सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं. बेहतर कानून-व्यवस्था के लिए 7 प्रमुख जनपदों में कमिश्नरेट सिस्टम लागू किया गया. प्रदेश के हर जिले में साइबर थाने स्थापित किए गए हैं और हर थाने में 'साइबर हेल्प डेस्क' क्रियाशील है. अपराध नियंत्रण के लिए कई नई फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) और स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट की स्थापना की गई है. उपेक्षित पड़ी पीएसी की 34 कंपनियों को पुनर्जीवित किया गया और तीन नई महिला बटालियनों (वीरांगना ऊदा देवी पासी, झलकारी बाई और अवंती बाई लोधी) का गठन किया गया.

"दंगा मुक्त" हुआ उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश में न कोई भय है, न तनाव और न ही दंगों का खतरा. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि अब नवरात्रि और रमजान जैसे पर्व एक साथ पूरी शालीनता और सौहार्द के साथ मनाए जा रहे हैं. अलविदा की नमाज और ईद जैसे अवसर भी बिना किसी हलचल या अव्यवस्था के संपन्न हो रहे हैं. धार्मिक स्थलों पर लोग अब निर्भय होकर जा रहे हैं, जो बढ़ते सामाजिक विश्वास का प्रतीक है. सीएम योगी के अनुसार, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, आधुनिक तकनीक का समावेश और पुलिस बल का सुदृढ़ीकरण ही वह आधार है जिसने उत्तर प्रदेश को अराजकता के दौर से निकालकर सुशासन के मार्ग पर खड़ा किया है.

यह भी पढ़ें: नवरात्र में सूर्य-गुरु की शुभ चाल से बनेगा महायोग! इन 5 राशियों को मिलेगा करियर में उछाल और धन लाभ