सोशल मीडिया पर यूपी की एक महिला IPS ऑफिसर बॉडी शेमिंग का शिकार हो गई हैं. मिर्जापुर जिले की पुलिस अधीक्षक (SP) अपर्णा रजत कौशिक के एक वीडियो पर आए भद्दे कमेंट्स ने सभी को चौंका दिया है. आपको बता दें कि मिर्जापुर पुलिस ने इंस्टाग्राम पर एक अपराधी की गिरफ्तारी से संबंधित एक वीडियो शेयर किया था. इस वीडियो में एसपी अपर्णा कौशिक मामले की जानकारी दे रही थीं. लेकिन देखते ही देखते इस वीडियो पर हजारों कमेंट्स आ गए, जिनमें से ज्यादातर कमेंट्स ऑफिसर की कद-काठी और शारीरिक बनावट यानी बॉडी शेमिंग को लेकर थे. इस घटना के बाद से ही IPS अपर्णा कौशिक चर्चा के केंद्र में हैं. आइए आपको खबर में अपर्णा कौशिक के जीवन के उन किस्सों के बारे में बताते हैं, जिन्हें लोग कम ही जानते हैं.
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कौन हैं IPS अपर्णा रजत कौशिक?
ट्रोलर्स जिस ऑफिसर को निशाना बना रहे हैं उनकी काबिलियत हैरतअंगेज है. मूल रूप से यूपी के रामपुर जिले की रहने वालीं अपर्णा रजत कौशिक 2015 बैच की IPS अधिकारी हैं. 1991 में जन्मी अपर्णा ने बचपन से ही कड़ा संघर्ष देखा है. उनके जन्म से पहले ही उनके पिता रणवीर सिंह गौतम का निधन हो गया था. उनकी मां प्रीति गौतम ने अकेले ही उनकी परवरिश की थी.
लाखों का पैकेज छोड़ बनीं IPS
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अपर्णा कौशिक पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहीं. साल 2006 में उन्होंने हाईस्कूल में स्टेट टॉपर का खिताब अपने नाम किया था. इसके बाद NIT प्रयागराज से बीटेक पूरा करते ही साल 2012 में उनका कैंपस प्लेसमेंट हो गया. गुरुग्राम में उन्हें 18 लाख रुपये सालाना के पैकेज पर बिजनेस एनालिटिक्स की शानदार नौकरी मिली थी. लेकिन मन में देश सेवा की भावना की वजह से उन्होंने इस मोटी सैलरी वाली प्राइवेट जॉब को छोड़कर सिविल सर्विस का रास्ता चुना और पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की थी.
सोशल मीडिया पर उठते सवाल
एक ऐसी महिला अधिकारी जिसने पिता के बिना संघर्ष कर प्रदेश टॉप किया, बीटेक किया और फिर आईपीएस बनकर कानून व्यवस्था संभाल रही हैं, उन्हें महज उनके लुक्स के आधार पर जज करना नेटिजन्स की संकीर्ण सोच को दर्शाता है. पुलिस विभाग के आला अधिकारी भी इस तरह की ट्रोलिंग को दुर्भाग्यपूर्ण मान रहे हैं.
क्या होती है बॉडी शेमिंग?
किसी व्यक्ति के शारीरिक स्वरूप, आकार, रंग, वजन या बनावट की आलोचना करना या उसका मजाक उड़ाना बॉडी शेमिंग कहलाता है. यह एक प्रकार का मानसिक उत्पीड़न है, जिसमें समाज द्वारा निर्धारित 'सुंदरता के मानकों' पर खरा न उतरने वाले लोगों को निशाना बनाया जाता है. उदाहरण के लिए, किसी को उसके अधिक वजन, कम वजन, छोटे कद या चेहरे के फीचर्स को लेकर भद्दे कमेंट्स करना बॉडी शेमिंग के दायरे में आता है.
आजकल सोशल मीडिया पर यह समस्या तेजी से बढ़ी है, जहां लोग अनजान व्यक्तियों के फोटो या वीडियो पर अपमानजनक टिप्पणियां करते हैं. इसका शिकार होने वाले व्यक्ति के आत्मविश्वास पर गहरा चोट पहुंचता है और वह गंभीर मानसिक तनाव, एंग्जायटी या अवसाद जैसी समस्याओं से घिर सकता है. यह किसी की व्यक्तिगत पसंद या स्वास्थ्य स्थिति का अनादर है.
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