श्रावस्ती जिले सनसनीखेज वारदात घटी है. सिरसिया थाना क्षेत्र के विभूति नाथ मंदिर इलाके में मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक तेंदुए ने एक किशोर पर जानलेवा हमला बोल दिया. अपनी जान बचाने के लिए किशोर ने बिना हिम्मत हारे करीब आधे घंटे तक मौत के रूप में सामने खड़े तेंदुए का डटकर मुकाबला किया. इस खूनी संघर्ष में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए. बाद में तेंदुए की मौत हो गई, जबकि किशोर अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है.
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प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह खौफनाक घटना उस समय हुई जब इलाके में अचानक एक तेंदुआ आ धमका. बताया जा रहा है कि भीषण गर्मी और पानी की भारी किल्लत के चलते यह जंगली जानवर पानी की तलाश में भटकते हुए जंगल से निकलकर रिहायशी इलाके की ओर आ गया था. इसी दौरान रास्ते में उसका सामना एक किशोर से हो गया. भूख और प्यास से अक्रामक हो चुके तेंदुए ने आव देखा न ताव और सीधे किशोर पर झपट्टा मार दिया.
आधे घंटे तक चला खूनी खेल
घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि तेंदुए के इस अचानक और भयानक हमले के बावजूद किशोर ने घुटने नहीं टेके. खुद को मौत के मुंह से निकालने के लिए वह निहत्था ही तेंदुए से भिड़ गया और लगातार संघर्ष करता रहा. इधर चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके की तरफ दौड़े. ग्रामीणों की भारी भीड़ को अपनी ओर आता देख और किशोर की तरफ से मिले कड़े मुकाबले के बाद तेंदुए के हौसले पस्त हो गए. वह किशोर को लहूलुहान हालत में छोड़कर पास के एक खेत में जाकर छिप गया. तब तक इस आमने-सामने की जंग में दोनों ही लहूलुहान और गंभीर रूप से घायल हो चुके थे.
बहराइच रेफर किया गया किशोर, अस्पताल में इलाज जारी
वारदात की सूचना मिलते ही किशोर के बदहवास परिजन मौके पर पहुंचे. उन्होंने आनन-फानन में घायल किशोर को खून से लथपथ हालत में नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया. वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे भिनगा भेजा, जहां से उसे बेहतर इलाज के लिए बहराइच रेफर कर दिया गया. फिलहाल अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है.
तेंदुए की मौत, बरेली लैब भेजे गए सैंपल
वहीं दूसरी ओर, घटना की भनक लगते ही वन विभाग की टीम दलबल के साथ मौके पर पहुंची. टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर घायल तेंदुए को काबू में किया और उसे पूर्वी सोहेलवा रेंज कार्यालय ले गई. लेकिन संघर्ष में गंभीर रूप से घायल हो चुका तेंदुआ बच नहीं सका और उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया. वन अधिकारियों के मुताबिक मृत तेंदुआ करीब तीन वर्ष की मादा थी.
प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) गौरव गर्ग ने इस नाटकीय घटनाक्रम पर आधिकारिक बयान देते हुए बताया, "प्रारंभिक जांच में मृत तेंदुए के शरीर पर फंगल संक्रमण के संकेत मिले हैं. ऐसी आशंका है कि बीमारी और कमजोरी के कारण ही उसका व्यवहार असामान्य रूप से आक्रामक हो गया होगा. तेंदुए के नमूने ले लिए गए हैं और उन्हें गहन जांच के लिए बरेली स्थित प्रयोगशाला भेजा गया है. रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा."
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