गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार के लिए किसानों से ली जाएगी जमीन! उत्तराखंड के इस शहर तक मिलेगी शानदार कनेक्टिविटी

आयशा शेख़

• 01:33 PM • 04 Aug 2026

UP Budget 2026-27: योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट में मेरठ से हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार के लिए बड़ा बजट तय किया है. परियोजना के लिए निर्माण और भूमि अधिग्रहण दोनों पर धनराशि आवंटित की गई है.

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उत्तर प्रदेश का गंगा एक्सप्रेसवे अब और लंबा होने जा रहा है. योगी सरकार ने मेरठ से हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार के लिए बड़ा बजट तय किया है. ये फैसला सिर्फ एक सड़क परियोजना नहीं माना जा रहा, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने की दिशा में बड़ा कदम है. 

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अगर योजना तय समय पर आगे बढ़ती है तो धार्मिक पर्यटन, कारोबार और यात्रियों तीनों को फायदा मिल सकता है.

मेरठ से हरिद्वार तक होगा गंगा एक्सप्रेसवे का विस्तार

वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट में सरकार ने मेरठ से हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तारीकरण के लिए अलग से धनराशि का प्रावधान किया है. इस परियोजना में निर्माण कार्यों के लिए 80 करोड़ रुपये और भूमि अधिग्रहण के लिए 5,700 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.

सरकार इस परियोजना को सिर्फ घोषणा तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसके लिए जमीन अधिग्रहण और निर्माण दोनों पर एक साथ काम करने की तैयारी कर रही है.

प्रयागराज से सोनभद्र तक भी बढ़ेगा नेटवर्क

गंगा एक्सप्रेसवे का विस्तार सिर्फ पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा. बजट दस्तावेज में प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी और चंदौली होते हुए सोनभद्र तक विंध्य एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए भी फंड रखा गया है.

इसके तहत निर्माण कार्यों के लिए 8,000 लाख रुपये और भूमि अधिग्रहण के लिए 6,500 करोड़ रुपये का प्रावधान है.

दूसरे एक्सप्रेसवे भी होंगे कनेक्ट

सरकार एक्सप्रेसवे नेटवर्क को आपस में जोड़ने पर भी तेजी से काम कर रही है. अनुपूरक बजट में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से हरदोई और फर्रुखाबाद के रास्ते गंगा एक्सप्रेसवे तक प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान है.

वहीं जेवर एयरपोर्ट से बुलंदशहर होते हुए गंगा एक्सप्रेसवे तक प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए भी 250 करोड़ रुपये का प्रावधान है.

क्या होगा फायदा?

अगर ये सभी परियोजनाएं तय योजना के मुताबिक आगे बढ़ती हैं तो उत्तर प्रदेश का एक्सप्रेसवे नेटवर्क पहले से कहीं ज्यादा मजबूत होगा. मेरठ से हरिद्वार तक बेहतर सड़क संपर्क बनने से कांवड़ यात्रा, धार्मिक पर्यटन और उत्तराखंड की ओर जाने वाले यात्रियों को राहत मिल सकती है. वहीं पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र तक नेटवर्क बढ़ने से उद्योग, लॉजिस्टिक्स और माल परिवहन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है.