UP News: बुलंदशहर से एक ऐसी खबर सामने आई है जो साबित करती है कि अगर आपके हौसले बुलंद हों तो आपकी कोई नहीं रोक सकता. जिले के सियाणा तहसील क्षेत्र के एक स्कूल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की बेटी शिखा सिंह ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 113वीं रैंक हासिल कर इतिहास रच दिया है. वहीं, दूसरी तरफ शिखा की मां देवकी खुद शिक्षित नहीं हैं, लेकिन उन्होंने और उनके पति ने कभी बच्चों की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी.
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सरकारी स्कूल से तय किया UPSC तक का सफर
शिखा की शुरुआती शिक्षा और 12वीं की पढ़ाई एक सरकारी स्कूल से हुई. इसके बाद उन्होंने डिग्री कॉलेज से B.Sc (Biology) की डिग्री हासिल की. ग्रेजुएशन के बाद शिखा का मन यूपीएससी की ओर मुड़ा. जब उन्होंने अपने पिता से दिल्ली जाकर कोचिंग करने की इच्छा जताई, तो पिता ने बिना संकोच उनका दाखिला दिल्ली की एक कोचिंग में करा दिया.
दूसरे प्रयास में मिली बड़ी कामयाबी
शिखा के संघर्ष और मेहनत का ही परिणाम है कि उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में यह मुकाम हासिल किया.
पहले प्रयास में वह इंटरव्यू तक पहुंचीं, लेकिन चयन नहीं हो सका. दूसरे प्रयास में अपनी कमियों को सुधारा और 113वीं रैंक लाकर सबको हैरान कर दिया.
पढ़ा-लिखा और होनहार परिवार
शिखा कुल चार बहनें और एक भाई हैं. उनके परिवार में शिक्षा को हमेशा प्राथमिकता दी गई. बड़ा भाई वेलनेस कोच है. दो बड़ी बहनें बिहार और बहराइच में शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं. छोटी बहन यूपीएससी की तैयारी कर रही है. माता-पिता बताते हैं कि उन्होंने कभी बच्चों से घर का काम नहीं कराया, ताकि उनका पूरा ध्यान सिर्फ पढ़ाई पर रहे.
परिणाम घोषित होते ही बुलंदशहर में खुशी की लहर दौड़ गई. रिश्तेदार और पड़ोसी दूर-दूर से आकर प्रेमचंद और उनके परिवार को बधाई दे रहे हैं. शिखा अभी दिल्ली में हैं और दो-तीन दिन में उनके बुलंदशहर लौटने की उम्मीद है, जहां समाज के लोग उनके भव्य स्वागत की तैयारी कर रहे हैं.
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