500 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली जिस ट्रेन में बैठे CM योगी उसमें अंदर ऐसा था माहौल, खुद देखिए

UP News: सीएम योगी आदित्यनाथ ने जापान के यामानाशी में 500 किमी/घंटा की रफ्तार वाली मैग्लेव ट्रेन का सफर किया. जानें क्या है यह चुंबकीय तकनीक और बुलेट ट्रेन से कितनी अलग है.

CM Yogi in Maglev Train

मंजीत नेगी

26 Feb 2026 (अपडेटेड: 26 Feb 2026, 02:21 PM)

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UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान दौरे के आखिरी दिन यामानाशी में हाई-स्पीड 'लीनियर मैग्लेव ट्रेन' का सफर  किया. यह ट्रेन अपनी उस तकनीक के लिए जानी जाती है जिसमें वह पटरी पर दौड़ने के बजाय चुंबकीय बल के सहारे हवा में तैरते हुए चलती है. 

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बुलेट ट्रेन से भी दोगुनी रफ्तार

जापान में वर्तमान में चलने वाली प्रसिद्ध बुलेट ट्रेन की अधिकतम रफ्तार करीब 300 किमी प्रति घंटा है. लेकिन जिस मैग्लेव ट्रेन में सीएम योगी ने सफर किया, उसकी गति ने सबको हैरान कर दिया. यह लीनियर मैग्लेव ट्रेन 500 किमी प्रति घंटे की सामान्य परिचालन गति से चलती है, जबकि इसकी अधिकतम क्षमता 600 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. 

हवा में उड़ती है ये ट्रेन!

यह ट्रेन पूरी तरह से चुंबकीय बल पर आधारित है. इसे देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो ट्रेन पटरी पर चलने के बजाय हवा में उड़ रही हो. मुख्यमंत्री के लिए हाइड्रोजन ग्रीन एनर्जी प्लांट के बाद यह हाई-स्पीड सफर तकनीक और विकास के नजरिए से एक बड़ा अनुभव रहा. 

क्या होती है मैग्लेव ट्रेन?

मैग्लेव ट्रेन का नाम मैग्नेटिक लेविटेशन से बना है. यह पारंपरिक ट्रेनों से पूरी तरह अलग है क्योंकि इसमें पहिए, एक्सल या बेयरिंग नहीं होते. यह ट्रेन चुंबकीय उत्तोलन के सिद्धांत पर काम करती है, जिसमें शक्तिशाली चुंबकों का उपयोग किया जाता है. ये चुंबक ट्रेन को पटरी से कुछ इंच ऊपर हवा में उठा देते हैं और उसे आगे धकेलते हैं. चूंकि ट्रेन और पटरी के बीच कोई भौतिक संपर्क नहीं होता, इसलिए घर्षण शून्य हो जाता है. यही कारण है कि यह ट्रेन 500 से 600 किमी/घंटा जैसी अविश्वसनीय रफ्तार पकड़ लेती है और बिना शोर किए बेहद शांति से चलती है.