CM Yogi Mother Controversy: लोकतांत्रिक बहस और राजनीतिक विरोध के बीच किसी की माता या परिवार को घसीटना भारतीय संस्कृति का हिस्सा कभी नहीं रहा. हाल ही में एक मौलाना द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां को लेकर की गई अमर्यादित टिप्पणी पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया है. उन्नाव दौरे के दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वैचारिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं. लेकिन किसी की मां का अपमान असहनीय है.
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'मां किसी की भी हो, वह पूजनीय है'
शंकराचार्य ने मौलाना की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सनातन धर्म और भारतीय सभ्यता में 'माता' को सर्वोच्च स्थान दिया गया है. उन्होंने कहा 'मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक सन्यासी हैं. लेकिन उनकी माताजी पूरे समाज के लिए सम्माननीय हैं. उनके खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग करना उस व्यक्ति की विकृत मानसिकता को दर्शाता है.'
मौलाना की टिप्पणी को बताया निंदनीय
वीडियो में शंकराचार्य ने इस बात पर जोर दिया कि धार्मिक गुरुओं का काम समाज को दिशा देना और मर्यादित भाषा का प्रयोग करना होता है. लेकिन जब धर्म के नाम पर कोई व्यक्ति किसी के परिवार पर इस तरह के घटिया हमले करता है तो वह न केवल अपराधी है बल्कि धर्म के नाम पर कलंक भी है.उन्होंने इस टिप्पणी की घोर निंदा की.
योगी आदित्यनाथ के प्रति एकजुटता
शंकराचार्य ने कहा कि भले ही राजनीति में किसी के विचार अलग हो सकते हैं. लेकिन जब बात मर्यादा और संस्कारों की आती हैतो पूरा संत समाज और देश की जनता ऐसे अपमानजनक बयानों के खिलाफ एकजुट है. उन्होंने प्रशासन से भी ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अपेक्षा जताई जो समाज में वैमनस्य फैला रहे हैं.
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