Khan Sir UP Connection: सोशल मीडिया पर अपने देसी और बेबाक अंदाज से करोड़ों छात्रों के दिलों पर राज करने वाले पटना के मशहूर खान सर (Khan Sir) एक बार फिर सुर्खियों में हैं. कभी अपने असली नाम को लेकर विवादों में रहने वाले खान सर इस वक्त अपने कोचिंग संस्थान के बाहर हुई सरेआम गोलीबारी को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं.
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इस नए विवाद के बाद कई लोग जानना चाह रहे हैं कि आखिर खान सर कितने पढ़े-लिखे हैं? वह सच में कहां के रहने वाले हैं और उनका उत्तर प्रदेश (UP) से क्या नाता है? आइए, इस खास लेख में जानते हैं खान सर की पढ़ाई से लेकर यूपी के जिलों से जुड़े उनके गहरे रिश्तों के बारे में...
कितने पढ़े-लिखे हैं खान सर? (Khan Sir Education Qualification)
- खान सर ने अपनी शुरुआती स्कूली शिक्षा उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से पूरी की है. वह बचपन से ही एक औसत छात्र थे, लेकिन पढ़ाई में उनकी दिलचस्पी हमेशा से थी.
- स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद खान सर ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी (Allahabad University) का रुख किया. यहां से उन्होंने B.Sc. (Bachelor of Science) और फिर M.Sc. (Master of Science) की डिग्री हासिल की.
- विज्ञान की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने कुछ करने का सोचा और इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से ही मास्टर ऑफ आर्ट्स इन ज्योग्राफी (M.A. Geography) की डिग्री भी हासिल की. विज्ञान में उनकी गहरी रुचि का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने आगे चलकर रिसर्च के क्षेत्र में भी काम किया.
- खान सर का हमेशा से सपना था कि वे देश की सेवा के लिए भारतीय सेना (Indian Army) में जाएं. उन्होंने इसके लिए NDA (National Defence Academy) की परीक्षा भी पास कर ली थी, लेकिन फिजिकल टेस्ट (विशेषकर हाथ के सीधे न होने के कारण) में वे छंट गए. इसके बाद उन्होंने शिक्षा के जरिए देश सेवा का रास्ता चुना.
उत्तर प्रदेश के किन जिलों से है खान सर का कनेक्शन?
भले ही खान सर को 'पटना वाले खान सर' के नाम से जाना जाता है और उनका कर्मक्षेत्र बिहार है, लेकिन उनका जन्म और पालन-पोषण उत्तर प्रदेश में ही हुआ है. खान सर का असली नाम फैसल खान है. उत्तर प्रदेश में उनका शुरुआती पढ़ाई-लिखाई से लेकर कॉलेज तक का सफर काफी शानदार रहा है.
देवरिया (Deoria) से खान सर का कनेक्शन
खान सर का एक बड़ा कनेक्शन उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से भी है. देवरिया में ही उनकी शुरुआती पढ़ाई हुई. वे देवरिया जिले के भाटपाररानी तहसील क्षेत्र के भाटपाररानी नगर क्षेत्र के रहने वाले हैं. खान सर किसी हाई-फाई परिवार से नहीं थे, लेकिन अपनी मेहनत से उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई. खान सर के पिता का नाम बशीर खान है और ठेकेदारी का काम करते थे जबकि उनकी मां हाउसवाइफ हैं. कई बार उनके जीवन से जुड़ी कहानियों में देवरिया का जिक्र आता है.
प्रयागराज (Prayagraj) से खान सर का कनेक्शन
खान सर के जीवन को आकार देने में प्रयागराज का सबसे बड़ा हाथ है. यहीं की इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा (Graduation & Post Graduation) पूरी की. प्रयागराज में रहते हुए ही उन्होंने छात्रों के संघर्ष, कोचिंग संस्कृति और पढ़ाई के सही तरीकों को करीब से समझा, जिसे बाद में उन्होंने अपने कोचिंग करियर में उतारा.
पटना कैसे पहुंचे खान सर?
प्रयागराज में पढ़ाई पूरी करने के बाद खान सर के सामने करियर का सवाल था. उनके कुछ दोस्तों ने उन्हें बिहार के पटना जाकर पढ़ाने का सुझाव दिया. जब वे पटना पहुंचे, तो उन्होंने शुरुआत में एक कोचिंग संस्थान में बेहद कम फीस पर बच्चों को पढ़ाना शुरू किया. उनका देसी अंदाज और गजब के तड़के के साथ गंभीर विषयों को समझाना छात्रों को इतना पसंद आया कि कुछ ही समय में उनके क्लासरूम छोटे पड़ने लगे. इसके बाद उन्होंने अपना खुद का 'Khan GS Research Centre' शुरू किया और लोकडाउन के दौरान यूट्यूब के जरिए देशभर में छा गए.
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