गोंडा (उत्तर प्रदेश): मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने शनिवार 6 जून 2026 को गोंडा के कर्नलगंज में 516 करोड़ रुपये की 262 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. यह कार्यक्रम पूर्वांचल के विकास और स्थानीय युवाओं को घर के पास रोजगार देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
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अब गोंडा भी बनेगा रोजगार हब
पहले पश्चिमी यूपी (गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, मेरठ) में ही ज्यादा निवेश और नौकरियां होती थीं, लेकिन अब सरकार पूर्वी जिलों जैसे गोंडा को भी आगे बढ़ा रही है. इन नई परियोजनाओं से सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और औद्योगिक विकास को बूस्ट मिलेगा, जिससे हजारों युवाओं को स्थानीय स्तर पर काम मिलने की उम्मीद है.
सीएम योगी ने कहा कि गोंडा में विकास पहले तुष्टिकरण, अराजकता और जातिवाद की वजह से रुका हुआ था. अब पीएम मोदी और भाजपा सरकार की योजनाओं से जिले का कायाकल्प हो रहा है.
योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि 2017 से पहले गोंडा की पहचान देश के सबसे गंदे शहरों में होती थी, जबकि आज उसकी गिनती स्वच्छ शहरों में होने लगी है. उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर जिले में मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कराया जा रहा है और श्रावस्ती में एयरपोर्ट निर्माण का कार्य भी चल रहा है.
क्या-क्या होगा?
- कुल 262 परियोजनाएं (कुछ का उद्घाटन, कुछ का शिलान्यास)
- कुल लागत: ₹516 करोड़
- फोकस: इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, शिक्षा और उद्योग
युवाओं को घर-आसपास रोजगार के नए अवसर
सरकार का लक्ष्य है कि युवा अब दूसरे शहरों में पलायन न करें. स्किल डेवलपमेंट, आईटीआई और नई फैक्टरियों के जरिए उन्हें ट्रेनिंग और जॉब दोनों मिले. सीएम ने कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को धनराशि भी वितरित की.
यह कार्यक्रम पूर्वांचल में निवेश बढ़ाने और बेरोजगारी घटाने की बड़ी पहल है. गोंडा जैसे जिलों में विकास से न सिर्फ स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि युवा भी आत्मनिर्भर बन सकेंगे.
इंवेस्टमेंट अब सिर्फ गौतम बुद्ध नगर, गाज़ियाबाद और मेरठ तक ही सीमित नहीं है. अब गोंडा में भी निवेश हो रहा है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं.
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