देवरिया में आलीशान कोठी वाले खान सर को उनके ही गांव वालों ने जमकर सुना दिया, कहा- पटना में जो हो रहा है वो बिल्कुल सही

Khan Sir: पटना कोचिंग विवाद के बीच देवरिया में खान सर के पैतृक घर से ग्राउंड रिपोर्ट. स्थानीय ग्रामीणों और सभासद ने खान सर पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें 'अभिमान सर' बताया.

Khan Sir

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राम प्रताप सिंह

• 09:35 PM • 05 Jun 2026

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पटना में दो बड़े कोचिंग संस्थानों के बीच वर्चस्व की लड़ाई और सरेआम हुई फायरिंग के मामले में खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक खान सर पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है. इस हाई-प्रोफाइल मामले में दूसरे कोचिंग संस्थान के संचालक की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है और अब पुलिस खान सर की तलाश में जुटी है. इस बीच यूपी Tak की टीम खान सर के पैतृक निवास देवरिया जिले के भाटपार रानी नगर पंचायत पहुंची. कभी कस्बे के बीचों-बीच रहने वाले खान सर ने अब यहां एक आलीशान कोठी बनवा ली है. हालांकि पटना विवाद के बीच उनके अपने ही गांव के लोगों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने खान सर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और उनके अभिमान को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं.

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'वह खान सर नहीं अभिमान सर हैं'

खान सर की आलीशान कोठी के सामने खड़े होकर जब हमारी टीम ने वहां के स्थानीय लोगों से पटना विवाद और खान सर के व्यवहार पर बात की तो गोमदी (वार्ड नंबर 1) के सभासद आदित्य सिंह मोनू ने बेहद तल्ख लहजे में कहा 'मैं तो यही देखता हूं कि अपनी टीआरपी के लिए अगला कुछ भी कर सकता है. मैं आप सभी को बताना चाहता हूं कि ये खान सर नहीं बल्कि अभिमान सर हैं. जब ये अपने ही गांव के विकास और एक मामूली सी नाली के निर्माण को रुकवा सकते हैं तो इनसे क्या उम्मीद की जाए. जब इनसे बात करो तो इनके पिताजी धमकी देते हैं कि आपसे अब सीधे हाई कोर्ट में बात होगी.'

एक फोन पर हिल जाता है पूरा जिला प्रशासन

सभासद ने गांव के एक मामले का जिक्र करते हुए खान सर के रसूख और दबदबा होने का दावा किया. उन्होंने बताया कि नगर पंचायत द्वारा खान सर के मकान से लेकर सरकारी गड्ढे तक सड़क किनारे नाली निर्माण का टेंडर हुआ था. नियमों के मुताबिक नाली 17 फीट पर बननी थी. लेकिन सबका ध्यान रखते हुए इसे 13 फीट पर खोदा जा रहा था. आरोप है कि खान सर ने अपने ईगो के कारण अपने घर के सामने खुदाई नहीं होने दी.

सभासद का आरोप है कि 'गांव के बीच की एक मुख्य सड़क सालों से बाधित है जिसके लिए हम ग्रामीण धरना-प्रदर्शन करते हैं पर कोई अधिकारी नहीं आता. लेकिन खान सर का पटना से सिर्फ एक फोन आता है और पूरी तहसील की टीम, तहसीलदार, लेखपाल, कानगो और एसडीएम साहब तत्काल मौके पर पहुंच जाते हैं. दूसरों की बाउंड्री गिरवा दी जाती है. लेकिन उनका कुछ नहीं बिगड़ता.'

ग्रामीणों में इस बात को लेकर भी नाराजगी दिखी कि खान सर ने विश्व विख्यात होने के बाद भी कभी अपने मंचों से देवरिया या भाटपार रानी का नाम गर्व से नहीं लिया. स्थानीय लोगों ने तुलना करते हुए कहा कि इसी क्षेत्र की मशहूर सिंगर शिल्पी राज अपनी हर बात में भाटपार रानी का नाम लेती हैं. लेकिन खान सर ने इसे छुपाया. यही नहीं ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ समय पहले एक शादी का निमंत्रण कार्ड बांटते समय जब स्थानीय लोग मिलने पहुंचे तो खान सर के गार्ड्स ने लोगों को धक्के मारकर बाहर निकाल दिया था.

रास्ता विवाद और पैमाइश में गड़बड़ी के आरोप

पड़ोस में रहने वाले एक अन्य ग्रामीण अशोक कुमार सिंह ने भी खान सर के परिवार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने बताया कि 'खान सर के परिवार ने मोहल्ले में जमीन खरीदी और रास्ते के लिए सबको परेशान किया. हमारी तरफ से तय कड़ियों से ज्यादा रास्ता छोड़ने के बाद भी, पैसे के दम पर लेखपाल से गलत नापी कराई गई और हमारी तथा उनके अपने पट्टीदारों की बाउंड्री/दीवार ढहा दी गई. विरोध करने पर कोर्ट-कचहरी और हाई कोर्ट की धमकियां दी जाती हैं.'

गिरफ्तारी की मांग पर ग्रामीणों की मुहर

पटना में कोचिंग सेंटर के बाहर हुए हिंसक बवाल और गार्ड्स द्वारा गोली चलाए जाने के मामले पर जब देवरिया के स्थानीय लोगों से राय मांगी गई तो उन्होंने साफ कहा कि 'पटना में जो हो रहा है वो बिल्कुल सही हो रहा है. कानून को अपना काम करना चाहिए.'