दिल्ली में ओम प्रकाश राजभर ने किया शक्ति प्रदर्शन! समर्थकों की दिखी भारी भीड़, किसे दे दिया बड़ा सियासी संदेश?

रजत सिंह

01 Aug 2026 (अपडेटेड: 01 Aug 2026, 01:42 PM)

OP Rajbhar Delhi Rally: ओम प्रकाश राजभर ने इन दिनों दिल्ली में अपना डेरा डाला हुआ है. दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में उन्होंने 'समरसता रैली' का आयोजन किया. इस रैली में उनके समर्थकों की भारी भीड़ पहुंची और पूरा स्टेडियम पीले रंग में रंगा दिखाई दिया.

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OP Rajbhar Delhi Rally: उत्तर प्रदेश की राजनीति खासकर पूर्वांचल में अपना दबदबा रखने वाले सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने इन दिनों दिल्ली में अपना डेरा डाला हुआ है. दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में उन्होंने 'समरसता रैली' का आयोजन किया. इस रैली में उनके समर्थकों की भारी भीड़ पहुंची और पूरा स्टेडियम पीले रंग में रंगा दिखाई दिया. पूर्वांचल की राजनीति करने वाले राजभर का दिल्ली में अपनी ताकत दिखाना किसी बड़े सियासी संदेश की तरफ इशारा कर रहा है. आइए जानते हैं कि आखिर इस शक्ति प्रदर्शन के पीछे क्या वजह है.

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दिल्ली को ताकत दिखाने की कोशिश

तालकटोरा स्टेडियम में उमड़ी इस भारी भीड़ को मुख्य रूप से दो तरीकों से देखा जा रहा है. पहला, राजभर अपने कार्यकर्ताओं को यह संदेश देना चाहते हैं कि उनकी पहुंच अब दिल्ली तक हो चुकी है. दूसरा और सबसे अहम यह कारण माना जा रहा है कि वह बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व को अपनी ताकत का एहसास कराना चाहते हैं. वह यह बताना चाहते हैं कि एनडीए गठबंधन में होने के बावजूद उनका अपना एक मजबूत जनाधार है और उन्हें हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए.

पश्चिम यूपी तक विस्तार की तैयारी

रैली में मौजूद उनके बेटे अरुण राजभर ने कहा है कि 'जो लोग सोचते थे कि दिल्ली बहुत दूर है, अब उनके लिए दिल्ली बहुत करीब हो गई है.' अरुण राजभर ने बताया कि पार्टी अब सिर्फ पूर्वांचल तक सीमित नहीं रहना चाहती है. वे पश्चिम उत्तर प्रदेश में भी सुभासपा की जड़ें मजबूत करना चाहते हैं, ताकि 2027 के विधानसभा चुनाव में पश्चिम यूपी से भी उनके विधायक जीत कर लखनऊ पहुंच सकें. यह रैली समाजवादी पार्टी को सीधी चुनौती देने की भी एक तैयारी है.

सपा पर लगातार हमलावर हैं राजभर

ओम प्रकाश राजभर बीते काफी समय से हर सुबह सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव के खिलाफ एक पोस्ट जरूर करते हैं. वह लगातार उन पर राजनीतिक और व्यक्तिगत हमले कर रहे हैं. सूत्रों की मानें तो अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी ओपी राजभर द्वारा लगातार किए जा रहे इस राजनीतिक हमले से बहुत नाराज हैं. माना जा रहा है कि इसी तल्खी के कारण 2027 के चुनाव में सपा किसी भी हाल में राजभर के साथ गठबंधन नहीं करेगी.

बीजेपी से ज्यादा सीटें लेने की रणनीति

माना जा रहा है कि अगर राजभर के पास गठबंधन करने कि लिए सपा का विकल्प खत्म हो जाता है, तो वह पूरी तरह से बीजेपी पर निर्भर हो जाएंगे. ऐसे में बीजेपी उन्हें कम सीटें देकर बारगेन कर सकती है. इसी स्थिति से बचने के लिए ओम प्रकाश राजभर लगातार अपनी ताकत और अपना जनाधार दिखा रहे हैं. वह पूर्वांचल की कई सीटों पर जिसमें अतरौलिया और दीदारगंज जैसी सीट शामिल है. इस सीटों पर वो पहले से ही अपने प्रभारी नियुक्त कर चुके हैं, ताकि आने वाले चुनाव में बीजेपी से ज्यादा से ज्यादा सीटों की मांग की जा सके.
 

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