Varanasi Elevated Corridor: वाराणसी में अब ट्रैफिक जाम की चिक-चिक गुजरे जमाने की बात होने वाली है. केंद्र सरकार ने काशी की सड़कों को सांस लेने की जगह देने के लिए वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है.
ADVERTISEMENT
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की इस परियोजना का मकसद बाबा विश्वनाथ की नगरी में यात्रियों और माल ढुलाई की आवाजाही को बिना किसी रुकावट के सुगम बनाना है. 43 किलोमीटर लंबा यह 4/6-लेन कॉरिडोर एनएच 31 (NH 31) को सीधे वाराणसी रिंग रोड से जोड़ेगा.
35% कम होगा सड़कों का बोझ
शहर के मुख्य रास्तों पर रोज लगने वाली गाड़ियों की कतारें अब इतिहास बनने जा रही हैं. इस नए कॉरिडोर के शुरू होते ही शहर के मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक लोड 35% तक घट जाएगा. सिर्फ इतना ही नहीं, यह प्रोजेक्ट पर्यावरण के लिहाज से भी एक क्रांतिकारी कदम साबित होने वाला है:
- गाड़ियों के जाम में न फंसने से हर साल 1.2 करोड़ लीटर से भी ज्यादा पेट्रोल-डीजल बचेगा.
- वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में भारी गिरावट आएगी, जिससे शहर के PM 2.5 प्रदूषण स्तर में सीधे 20% तक की कमी दर्ज की जाएगी.
कनेक्टिविटी के साथ हरियाली का संतुलन
वाराणसी को हमेशा स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने के लिए NHAI ने इसे 'सस्टेनेबल अर्बन ट्रांसपोर्ट सिस्टम' के तहत डिजाइन किया है. वरुणा नदी के किनारे बनने वाला यह कॉरिडोर न केवल आपकी यात्रा का समय घटाएगा, बल्कि ईंधन की बचत से लोगों के पैसों की भी सीधी बचत होगी.
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर जारी इसके एक प्रोमोशनल वीडियो में 3D रेंडरिंग्स के जरिए दिखाया गया है कि कैसे यह इंफ्रास्ट्रक्चर गंगा किनारे बसे इस पौराणिक शहर के ताने-बाने को बिना नुकसान पहुंचाए मॉडर्न ट्रांसपोर्ट से जोड़ेगा.
केंद्रीय मंत्रिमंडल का यह फैसला यह साफ जाहिर करता है कि अब बनारस की पहचान सिर्फ उसकी प्राचीन गलियों से ही नहीं, बल्कि आधुनिक और हरित इंफ्रास्ट्रक्चर से भी होगी.
ADVERTISEMENT











