यूपी में 1 जुलाई से शुरू हो रहा महाअभियान, सीएम योगी ने हर नागरिक से मांग लिया साथ

उत्तर प्रदेश में 1 जुलाई से 'स्कूल चलो अभियान' का दूसरा चरण शुरू होगा, जो 15 जुलाई तक चलेगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 100% नामांकन का लक्ष्य तय करते हुए शिक्षकों, अभिभावकों और समाज से अपील की है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे.

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• 05:53 PM • 29 Jun 2026

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के हर बच्चे के हाथों में कलम और किताबों का सपना सच करने के लिए एक बेहद भावुक और बड़ा संदेश जारी किया है. 'विद्या सर्वत्र पूज्यते' यानी शिक्षा ही सबसे बड़ा सम्मान है, इसी मूलमंत्र के साथ सीएम योगी ने राज्य के सभी नागरिकों और शिक्षकों के नाम योगी की पाती लिखी है. 

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इस पत्र के जरिए उन्होंने ऐलान किया है कि 1 जुलाई से पूरे उत्तर प्रदेश में 'स्कूल चलो अभियान' का दूसरा चरण शुरू होने जा रहा है. मुख्यमंत्री का विशेष अभियान 15 जुलाई तक चलेगा, जिसका एकमात्र और सबसे बड़ा लक्ष्य है- '100% एडमिशन'. 

सरकार का संकल्प है कि उत्तर प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे. खासकर उन बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है जो किसी वजह से अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ चुके हैं, उन्हें ढूंढकर दोबारा स्कूल की चौखट तक लाया जाएगा. सीएम ने दोटूक कहा है कि जब हर बच्चा स्कूल पहुंचेगा, तभी उसका परिवार, समाज और हमारा उत्तर प्रदेश आगे बढ़ेगा.

"विद्या ही जीवन की सबसे अनमोल संपत्ति"

सीएम योगी ने शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि ज्ञान के पंख ही बच्चों को सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं. उन्होंने आज के आधुनिक सरकारी स्कूलों की तुलना प्राचीन गुरुकुल परंपरा से की, जहां से बच्चों के ज्ञान, संस्कार और चरित्र निर्माण की शुरुआत होती है. मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि चाहे बेटा हो या बेटी, उनकी शिक्षा ही किसी भी परिवार की सबसे बड़ी ताकत होती है.

बदल गई सरकारी स्कूलों की सूरत

अक्सर लोग सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे पर सवाल उठाते हैं, लेकिन मुख्यमंत्री ने अपनी 'पाती' में उन योजनाओं का जिक्र किया है जिन्होंने यूपी के स्कूलों की तस्वीर बदल दी है. 

  • ऑपरेशन कायाकल्प और प्रोजेक्ट अलंकार: इन योजनाओं के जरिए माध्यमिक और प्राथमिक विद्यालयों का आधुनिकीकरण किया गया है, जिससे वहां निजी स्कूलों जैसी आधुनिक सुविधाएं मिलने लगी हैं.
  • मिशन प्रेरणा और मिशन निपुण: इसके तहत पढ़ाई के तौर-तरीकों को सुधारा गया है ताकि बच्चों को रट्टा मारने की जगह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले.
  • कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय: इस योजना से राज्य की बेटियों को आगे बढ़ने और बेहतर शिक्षा पाने के शानदार अवसर मिल रहे हैं.
  • गरमा-गरम मिड-डे मील: स्कूलों में बच्चों के लिए स्वादिष्ट और पोषण से भरपूर गर्म पका-पकाया भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, क्योंकि स्वस्थ शरीर और अच्छी शिक्षा सरकार की दोहरी प्राथमिकता है.

मुख्यमंत्री की शिक्षकों और माता-पिता से खास अपील

योगी आदित्यनाथ ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए समाज के हर तबके से जिम्मेदारी उठाने को कहा है.