यूपी के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के लिए नया आदेश जारी, आ गया '10 बजे वाला' न्यू रूल

उत्तर प्रदेश सरकार ने भीषण गर्मी और लू को देखते हुए सभी स्कूलों के लिए नई हीट सेफ्टी गाइडलाइन जारी की है. नए नियमों के तहत सुबह 10 बजे के बाद आउटडोर गतिविधियों पर रोक, बच्चों के लिए नियमित पानी, हेल्थ नोडल टीचर, ओआरएस और फर्स्ट एड जैसी व्यवस्थाएं अनिवार्य की गई हैं, ताकि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

UP Tak

यूपी तक

• 03:44 PM • 29 Jun 2026

follow google news

UP Schools: उत्तर प्रदेश में गर्मी का पारा लगातार आसमान छू रहा है. तपती धूप और लू के थपेड़ों के बीच सबसे ज्यादा चिंता स्कूल जाने वाले मासूम बच्चों की सेहत को लेकर बनी हुई है. इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए योगी सरकार ने एक बड़ा और बेहद जरूरी कदम उठाया है. सरकार ने राज्य के सभी स्कूलों के लिए एक सख्त और खास सेफ्टी प्रोटोकॉल जारी किया है, ताकि बच्चों को बीमार होने से बचाया जा सके.

यह भी पढ़ें...

बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से बाकायदा 'टीचर्स गाइडलाइन-2026' जारी की गई है. इस नई गाइडलाइन का सीधा मकसद शिक्षकों को इस काबिल बनाना है कि वे लू के खतरों को पहचान सकें, बच्चों को इसके प्रति जागरूक कर सकें और जरूरत पड़ने पर तुरंत फर्स्ट एड दे सकें. सरकार की इस पहल से अब स्कूलों को एक 'हीट एक्शन प्लान' के तहत काम करना होगा, जिससे बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनकी सेहत से कोई समझौता न हो.

अब सुबह 10 बजे के बाद बाहर नहीं निकलेंगे बच्चे

बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के अतिरिक्त मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा के निर्देशों पर तैयार इस गाइडलाइन में कई कड़े नियम तय किए गए हैं. सबसे बड़ा बदलाव स्कूल के रूटीन को लेकर है...

  • सुबह की प्रार्थना सभा, खेलकूद या कोई भी फिजिकल ट्रेनिंग अब सुबह 10 बजे से पहले ही खत्म करनी होगी.
  • अगर मौसम विभाग की तरफ से ऑरेंज या रेड अलर्ट जारी होता है तो धूप में होने वाली सभी एक्टिविटीज पूरी तरह से बंद रहेंगी.
  • स्कूलों में साफ पानी का इंतजाम जरूरी होगा और हर 20 से 30 मिनट में बच्चों को पानी पीने के लिए प्रेरित किया जाएगा.

क्लासरूम को ठंडा रखने और खान-पान पर जोर

गाइडलाइन में सिर्फ नियमों की बात नहीं है, बल्कि व्यावहारिक सुझाव भी दिए गए हैं. स्कूलों से कहा गया है कि वे क्लासरूम में पंखों और वेंटिलेशन की सही व्यवस्था रखें. जहां संभव हो, छतों पर रिफ्लेक्टिव पेंट या 'कूल रूफ' का इस्तेमाल करें.

इसके अलावा, बच्चों को तरबूज, खरबूजा, खीरा और ककड़ी जैसे मौसमी फल खाने की सलाह दी गई है. मिड-डे मील भी छांव और साफ-सुथरी जगह पर परोसा जाएगा. पैकेट वाले मीठे ड्रिंक्स या कार्बोनेटेड कोल्ड ड्रिंक्स से बचने को कहा गया है.

हेल्थ नोडल टीचर संभालेंगे कमान

अब हर स्कूल में एक हेल्थ नोडल टीचर तैनात किया जाएगा, जो लू से जुड़ी तमाम तैयारियों की निगरानी करेगा. स्कूल परिसर में पोस्टर लगाकर 'क्या करें और क्या न करें' की जानकारी दी जाएगी. 

इसके साथ ही हर स्कूल में एक फर्स्ट एड किट, ओआरएस के पैकेट और डिजिटल थर्मामीटर का होना अनिवार्य कर दिया गया है. इमरजेंसी के लिए 108 एम्बुलेंस सेवा और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र के नंबर प्रमुख जगहों पर लिखे जाएंगे. बच्चों को भी सिखाया जाएगा कि अगर उनका कोई दोस्त असहज महसूस करे, तो तुरंत टीचर को बताएं.

पैरेंट्स के लिए भी जरूरी सलाह

सरकारों की कोशिशें तब तक अधूरी हैं जब तक परिवार साथ न दे. गाइडलाइन में माता-पिता से अपील की गई है कि वे बच्चों को हल्के रंग के सूती कपड़े पहनाएं, धूप में छाता या टोपी दें और स्कूल भेजने से पहले भरपूर पानी पिलाएं. अगर बच्चा बीमार है, तो उसे स्कूल भेजने की जिद न करें.

सरकार की नई गाइडलाइन कागजों पर बेहद शानदार और समय की मांग के अनुकूल है, लेकिन असली चुनौती इसे हर छोटे-बड़े सरकारी और प्राइवेट स्कूल में जमीनी स्तर पर लागू कराने की होगी, ताकि भीषण गर्मी के इस दौर में हमारे नौनिहाल सुरक्षित रह सकें.