Ghaziabad-Jewar Metro Stations News: गाजियाबाद से जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच प्रस्तावित नमो भारत और मेट्रो कॉरिडोर को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. NCRTC ने 72.44 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर के प्रस्तावित स्टेशनों के नाम जारी किए हैं. इस रूट पर 11 नमो भारत और 18 मेट्रो स्टेशन बनाए जाने की योजना है. कॉरिडोर तैयार होने के बाद गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा और नोएडा एयरपोर्ट के बीच सफर आसान और तेज होने की उम्मीद है.
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11 स्टेशनों पर रुकेगी नमो भारत ट्रेन
प्रस्तावित कॉरिडोर पर नमो भारत के लिए 11 स्टेशन रखे गए हैं. इनमें गाजियाबाद साउथ, ग्रेटर नोएडा सेक्टर-2, ग्रेटर नोएडा सेक्टर-3, ग्रेटर नोएडा सेक्टर-12, सूरजपुर, अल्फा-I, इकोटेक-VI, दनकौर, YEIDA नॉर्थ (सेक्टर-18), YEIDA सेंट्रल (सेक्टर-21) और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शामिल हैं. इस रूट पर यात्री गाजियाबाद से ग्रेटर नोएडा और आगे जेवर एयरपोर्ट तक सीधे पहुंच सकेंगे.
मेट्रो के लिए प्रस्तावित 18 स्टेशन
इसी कॉरिडोर में लोकल मेट्रो के लिए 18 स्टेशन प्रस्तावित हैं. इनमें सिद्धार्थ विहार, ग्रेटर नोएडा सेक्टर-16C, इकोटेक-12, ग्रेटर नोएडा वेस्ट (सेक्टर-4), ग्रेटर नोएडा सेक्टर-10, नॉलेज पार्क-V, पुलिस लाइन्स सूरजपुर, इकोटेक-2, नॉलेज पार्क-III, ओमेगा-II, फाई-III, इकोटेक-1E, इकोटेक-VIII, दादूपुर, जुनेदपुर, YEIDA सेक्टर-17, YEIDA सेक्टर-15 और YEIDA सेक्टर-33 शामिल हैं. इससे अलग-अलग इलाकों को लोकल मेट्रो कनेक्टिविटी भी मिलने की योजना है.
180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें
इस कॉरिडोर पर नमो भारत ट्रेनों को 160 से 180 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चलाने की योजना है. इसके तैयार होने के बाद गाजियाबाद से जेवर एयरपोर्ट के बीच सफर का समय घटकर करीब 40 से 50 मिनट होने की उम्मीद है. अधिकारियों के मुताबिक, परियोजना का उद्देश्य गाजियाबाद को ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़कर NCR में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करना है. इस कॉरिडोर से दिल्ली-मेरठ RRTS और नोएडा मेट्रो से भी कनेक्टिविटी मिलने की योजना है.
20,640 करोड़ रुपये की है प्रस्तावित परियोजना
गाजियाबाद-जेवर एयरपोर्ट रैपिड मेट्रो NCRTC की प्रस्तावित परियोजना है. करीब 72.5 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड लाइन के निर्माण पर लगभग 20,640 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. इस कॉरिडोर की खास बात यह होगी कि एक ही ट्रैक पर तेज नमो भारत ट्रेन और लोकल मेट्रो चलाने की योजना है. हालांकि, अभी यह परियोजना DPR यानी डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट के चरण में है. निर्माण शुरू होने के बाद इसे करीब पांच साल में पूरा करने का अनुमान लगाया जा रहा है.
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