सीएम योगी ने एक ही दिन में 2 सरकारी कॉलेजों के बदल दिए नाम, गोंडा और रायबरेली के संस्थानों को मिला नया नाम

उत्तर प्रदेश सरकार ने गोंडा और रायबरेली के दो राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों के नाम बदलने का फैसला किया है. गोंडा के कॉलेज का नाम अब सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर होगा, जबकि रायबरेली के सलोन स्थित पॉलीटेक्निक का नाम पूर्व मंत्री दलबहादुर कोरी के नाम पर रखा गया है.

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• 04:57 PM • 29 Jun 2026

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UP College Name Change: उत्तर प्रदेश में नाम बदलने की सियासत और महापुरुषों को सम्मान देने का सिलसिला लगातार जारी है. इसी कड़ी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के दो बड़े सरकारी कॉलेजों को लेकर एक बहुत ही अहम फैसला लिया है. सरकार ने एक ही दिन में गोंडा और रायबरेली जिलों में स्थित दो बड़े राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों के नाम बदल दिए हैं.

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इन दोनों ही फैसलों के पीछे एक गहरा सामाजिक और राजनीतिक संदेश छुपा हुआ है। एक तरफ जहां देश की एकता के सूत्रधार 'लौह पुरुष' को सम्मान दिया गया है, वहीं दूसरी तरफ जमीन से जुड़े एक दिवंगत स्थानीय नेता के योगदान को अमर करने की कोशिश की गई है. 

गोंडा का राजकीय पॉलीटेक्निक 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोंडा जिले के मुख्य राजकीय पॉलीटेक्निक का नाम बदलने का निर्णय लिया है. अब इस संस्थान को देश के पहले गृहमंत्री के नाम पर "सरदार वल्लभभाई पटेल राजकीय पॉलीटेक्निक, गोंडा" के नाम से जाना जाएगा.

यह गोंडा का एक प्रमुख सरकारी तकनीकी शिक्षा संस्थान है, जहां क्षेत्र के सैकड़ों युवा इंजीनियरिंग और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में डिप्लोमा की पढ़ाई करने आते हैं. सरदार पटेल जैसी महान शख्सियत का नाम मिलने से अब इस संस्थान की पहचान को एक नया गौरव मिला है.

रायबरेली के सलोन का राजकीय पॉलीटेक्निक 

दूसरा बड़ा फैसला रायबरेली जिले को लेकर है. यहां के सलोन इलाके में स्थित राजकीय पॉलीटेक्निक का नाम भी बदल दिया गया है. इस कॉलेज का नया नाम अब "स्व. दलबहादुर कोरी राजकीय पॉलीटेक्निक, सलोन, रायबरेली" होगा.

कौन थे दलबहादुर कोरी?

स्वर्गीय दलबहादुर कोरी भारतीय जनता पार्टी के एक बेहद कद्दावर और जमीन से जुड़े नेता थे. वह सलोन विधानसभा सीट से विधायक रहने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके थे. साल 2021 में कोरोना महामारी के दौरान उनका असमय निधन हो गया था. दलित समाज के बीच उनकी पकड़ बहुत मजबूत थी, इसलिए उनके नाम पर कॉलेज का नामकरण करना स्थानीय जनता के लिए एक बेहद भावुक और सम्मानजनक फैसला है.