भारी विवाद के बाद भी अपनी पत्नी ADM ज्योति मौर्य से क्यों समझौता करना चाहते हैं आलोक? कैमरे पर सब बता दिया

आलोक मौर्या ने ज्योति मौर्य संग विवाद, अपनी बीमारी और बच्चों के भविष्य के लिए समझौते की कोशिशों पर खुलकर बात की है. साथ ही उन्होंने 2027 में चुनाव लड़ने के संकेत और 'पुरुष आयोग' के गठन की मांग भी उठाई है.

Alok Maurya

आनंद राज

• 07:01 PM • 04 May 2026

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ADM ज्योति मौर्य और उनके पति आलोक मौर्य के बीच का विवाद किसी से छुपा नहीं है. दोनों के बीच तलाक का मामला कोर्ट में चल रहा है. हाल ही में यूपी Tak ने आलोक मौर्य से बात की है. इस दौरान उन्होंने बताया कि वह 'फिस्टुला' बीमारी का आयुर्वेदिक इलाज करा रहे हैं. साथ ही उन्होंने अपने और ज्योति मौर्य के रिश्तों को लेकर भी खास बातचीत की है. उन्होंने कहा कि कोर्ट के निर्देश पर वर्तमान में उनके बीच मीडिएशन (मध्यस्थता) चल रहा है. आलोक ने कहा कि वह बच्चों के भविष्य के लिए समझौता करने को तैयार हैं. हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि एक बार धागा टूटने के बाद गांठ पड़ ही जाती है.

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इस बीमारी से परेशान चल रहे आलोक मौर्य

आलोक मौर्य पिछले दो साल से एनल फिस्टुला से परेशान हैं जिसका एक ऑपरेशन उन्होंने मुंबई में कराया था. लेकिन राहत न मिलने पर अब वे आयुर्वेदिक थेरेपी का सहारा ले रहे हैं. उन्होंने स्वीकार किया कि बीमारी की एक बड़ी वजह पारिवारिक तनाव भी है. आलोक का कहना है कि जब परिवार टूटता है तो व्यक्ति हर तरह से बिखर जाता है. ऊपर से सोशल मीडिया पर चल रही नकारात्मकता मानसिक दबाव को और बढ़ा देती है. 

दोनों के बीच अब कैसा है रिश्ता?

ज्योति मौर्य द्वारा समझौते की खबरों से इनकार करने पर आलोक ने कहा कि न्यायालय ने उन्हें आपसी सहमति से रास्ता निकालने और परिवार बसाने की कोशिश करने का सुझाव दिया है. उन्होंने कहा कि 'रिश्ता काफी हद तक टूट चुका था जिसे सहेजने की कोशिश की जा रही है. अगर रिश्ता नहीं जुड़ता है तो उसे एक अच्छे मोड़ पर छोड़ देना चाहिए.' उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके लिए बच्चों का भविष्य सबसे ज्यादा जरूरी है और वे बच्चों के लिए ही इस समझौते की राह देख रहे हैं.

क्या चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं आलोक मौर्य?

इस दौरान आलोक मौर्य ने राजनीति में आने के भी स्पष्ट संकेत दिए हैं. उन्होंने बताया कि वे केशव प्रसाद मौर्या समेत कई राजनेताओं के संपर्क में हैं और जनता की सेवा के लिए 2027 के विधानसभा चुनाव में उतरने का मन बना रहे हैं. हालांकि वे अभी भी पीसीएस और समीक्षा अधिकारी जैसी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं. लेकिन उनका कहना है कि अगर जनता ने चाहा तो वे राजनीति के माध्यम से देश सेवा करेंगे. 

पुरुष आयोग के गठन की मांग

आलोक ने समाज में पुरुषों के प्रति बढ़ते मानसिक उत्पीड़न का मुद्दा उठाते हुए 'पुरुष आयोग' के गठन की मांग की. उन्होंने कहा कि जिस तरह महिलाओं के लिए कानूनी सुरक्षा और आयोग हैं उसी तरह पुरुषों को भी एक प्लेटफॉर्म मिलना चाहिए ताकि वे प्रताड़ित होकर आत्महत्या जैसा कदम न उठाएं.  उन्होंने साफ किया कि वे महिलाओं के विरोधी नहीं हैं और महिला आरक्षण का भी समर्थन करते हैं.