बरेली: उत्तर प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और किफायती बनाने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में बरेली स्थित कोविड अस्पताल को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। अस्पताल परिसर में 1.5 मेगावाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट स्थापित किया जाएगा, जिससे बिजली खर्च में बड़ी कमी आने की उम्मीद है।
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अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इस परियोजना के तहत अस्पताल की छतों और खाली पड़ी जगहों पर लगभग 2500 सोलर पैनल लगाए जाएंगे। सोलर प्लांट शुरू होने के बाद अस्पताल के मासिक बिजली बिल में करीब 50 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है।
वर्तमान में अस्पताल में ओपीडी, सिटी स्कैन, आधुनिक लैब और जीवन रक्षक उपकरणों के संचालन के कारण बिजली की खपत काफी अधिक है, जिससे हर महीने लाखों रुपये का बिल आता है। सोलर ऊर्जा के इस्तेमाल से न केवल खर्च घटेगा, बल्कि 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति भी सुनिश्चित हो सकेगी।
संबंधित अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से अस्पताल अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा स्वयं पूरा कर सकेगा। इससे सरकारी खजाने पर बोझ कम होगा और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
फिलहाल, सोलर प्लांट की स्थापना के लिए तकनीकी प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। यह परियोजना भविष्य में अन्य सरकारी संस्थानों के लिए भी एक मॉडल साबित हो सकती है।
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