अमेठी से सेना भर्ती कार्यालय हटाने के प्रस्ताव पर बवाल, सांसद किशोरी लाल शर्मा ने लोकसभा में उठाया मुद्दा

अमेठी के सेना भर्ती कार्यालय को अयोध्या शिफ्ट करने के प्रस्ताव पर सियासत तेज, सांसद किशोरी लाल शर्मा ने लोकसभा में मुद्दा उठाकर केंद्र से फैसले को निरस्त करने की मांग की.

यूपी तक

• 06:00 PM • 19 Mar 2026

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अमेठी: सेना भर्ती कार्यालय (एआरओ) को अयोध्या स्थानांतरित किए जाने के प्रस्ताव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। किशोरी लाल शर्मा ने इस गंभीर जनहित मुद्दे को लोकसभा में नियम 377 के अंतर्गत उठाते हुए केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया। इसके साथ ही उन्होंने रक्षा मंत्री को पत्र लिखकर इस प्रस्ताव को निरस्त करने की मांग की है।

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सांसद ने अपने वक्तव्य में कहा कि अमेठी का सेना भर्ती कार्यालय क्षेत्र के हजारों युवाओं के लिए उम्मीद का केंद्र है। यहां भर्ती रैलियां, दस्तावेज़ सत्यापन, मेडिकल परीक्षण और भर्ती से जुड़ी अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं संचालित होती हैं, जिससे अभ्यर्थियों को एक ही स्थान पर सभी सुविधाएं मिल जाती हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्यालय के माध्यम से अब तक बड़ी संख्या में युवाओं को भारतीय सेना में सेवा का अवसर प्राप्त हुआ है।

उन्होंने यह भी बताया कि अमेठी, सुल्तानपुर, रायबरेली सहित आसपास के जिलों की एक समृद्ध सैन्य परंपरा रही है, जहां से बड़ी संख्या में युवा देश की सेवा में योगदान देते रहे हैं। ऐसे में यदि इस कार्यालय को अयोध्या स्थानांतरित किया जाता है, तो अभ्यर्थियों को लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे उनके ऊपर आर्थिक बोझ बढ़ेगा और कई बार व्यवस्थागत कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।

सांसद के अनुसार, वर्ष 1988 में स्थापित इस भर्ती कार्यालय के अंतर्गत कुल 13 जनपद आते हैं। प्रस्तावित स्थानांतरण से क्षेत्र के युवाओं और नागरिकों में चिंता और असंतोष का माहौल है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि क्षेत्रीय परिस्थितियों, युवाओं की भागीदारी और उनके हितों को ध्यान में रखते हुए अमेठी स्थित सेना भर्ती कार्यालय को यथावत बनाए रखा जाए।