रायबरेली: डलमऊ से फतेहपुर को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण गंगा पुल में दरार दिखाई देने से क्षेत्र में चिंता और दहशत का माहौल है। पुल के निचले हिस्से में पड़ी गहरी दरार ने इसकी मजबूती और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई गई तो यह कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है.
मौके पर निरीक्षण करने पर साफ दिखता है कि पुल के पिलर और सपोर्ट के जोड़ वाले हिस्से में लंबी और चौड़ी दरार उभर आई है। कई जगह कंक्रीट उखड़ता नजर आ रहा है, जिससे अंदर की संरचना भी कमजोर होती प्रतीत हो रही है। पुल के ऊपर से गुजरने वाले भारी वाहनों के दबाव से यह दरार और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.
हर दिन हजारों वाहनों का दबाव
यह पुल रायबरेली और फतेहपुर जिलों के बीच आवागमन का प्रमुख साधन है. इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों की संख्या में छोटे-बड़े वाहन, ट्रक और बसें गुजरती हैं. खासकर मालवाहक भारी वाहनों का लगातार दबाव पुल की स्थिति को और गंभीर बना रहा है.
स्थानीय लोगों में दहशत, प्रशासन से गुहार
आसपास के ग्रामीणों और राहगीरों का कहना है कि पुल की हालत देखकर डर लगता है. कई लोगों ने बताया कि दरार दिन-ब-दिन बढ़ती नजर आ रही है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल तकनीकी जांच कराकर पुल की मरम्मत कराने की मांग की है.
पहले भी उठ चुके हैं सवाल
स्थानीय लोगों के अनुसार पुल की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं, लेकिन समय पर ठोस कदम नहीं उठाए गए। अब जब दरार स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगी है, तो लोगों की चिंता और बढ़ गई है.
अधिकारियों की चुप्पी बनी चिंता का कारण
फिलहाल इस मामले में संबंधित विभाग या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इससे लोगों में नाराजगी भी है। उनका कहना है कि प्रशासन को किसी बड़ी घटना का इंतजार करने के बजाय तुरंत संज्ञान लेना चाहिए.
तत्काल जांच और मरम्मत की जरूरत
विशेषज्ञों के अनुसार पुल में इस प्रकार की दरार संरचनात्मक कमजोरी का संकेत हो सकती है, जिसे नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे में पुल की तकनीकी जांच कराकर आवश्यक मरम्मत कार्य जल्द शुरू कराना बेहद जरूरी है, ताकि किसी संभावित हादसे को टाला जा सके.
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