UP News: भारतीय नव संवत्सर और चैत्र नवरात्रि के पहले दिन अयोध्या धाम एक बार फिर भक्ति के चरम पर रहा. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में 'श्रीराम यंत्र' की प्रतिष्ठापना की. इस गरिमामयी कार्यक्रम में गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न केवल राम मंदिर को 'राष्ट्र मंदिर' का प्रतीक बताया, बल्कि बदलती युवा पीढ़ी और विपक्षी राजनीति पर भी कड़ा प्रहार किया.
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आस्था को अंधविश्वास कहने वाले नोएडा जाने से डरते थे
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना नाम लिए विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने राम मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम की बात करने को 'अंधविश्वास' का पर्याय बताया था, वे खुद अपनी सत्ता बचाने के डर से कभी नोएडा नहीं जाते थे. सीएम योगी ने कहा, 'नोएडा न जाना उनके लिए अंधविश्वास नहीं था, लेकिन राम मंदिर की बात करना अंधविश्वास था. आज 500 वर्षों का संघर्ष सफल हुआ है और अयोध्या पूरी दुनिया के सामने दिव्य रूप में खड़ी है.
रामराज्य की अनुभूति और वैश्विक अशांति
सीएम योगी ने वैश्विक परिस्थितियों की तुलना करते हुए कहा कि आज जब दुनिया के तमाम हिस्सों में युद्ध, आर्थिक अराजकता, भय और आतंक का माहौल है, तब हम अयोध्या में निर्भय होकर रामराज्य की सुखद अनुभूति कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर अब भारत के 'राष्ट्र मंदिर' की आधारशिला बन चुका है.
यूपी बना पर्यटन का हब: 2025 में आए 156 करोड़ श्रद्धालु
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के बदलते पर्यटन परिदृश्य के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2025 में कुल 156 करोड़ श्रद्धालु और पर्यटक उत्तर प्रदेश के धार्मिक स्थलों (अयोध्या, काशी, प्रयागराज महाकुंभ, मथुरा) पर आए. यह संख्या कई देशों की कुल आबादी से भी ज्यादा है. सीएम ने वर्तमान पीढ़ी की सराहना करते हुए कहा कि आज का युवा दिग्भ्रमित नहीं है. वह नए साल पर किसी ऐसे 'टूरिस्ट डेस्टिनेशन' पर नहीं जाता जहाँ सनातन का विरोध हो, बल्कि अपने परिवार के साथ मंदिर जाना पसंद करता है.
बलिदानियों और संतों को नमन
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राम मंदिर आंदोलन के लिए प्राणों की आहुति देने वाले कारसेवकों, पूज्य संतों और विहिप नेता अशोक सिंहल को भावपूर्ण नमन किया. उन्होंने मंदिर निर्माण में दिन-रात एक करने वाले कारीगरों और श्रमिकों का भी अभिनंदन किया.
कार्यक्रम में ये दिग्गज रहे मौजूद
कार्यक्रम का कुशल संचालन ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने किया. इस दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, आध्यात्मिक गुरु मां अमृतानंदमयी (अम्मा), संघ के वरिष्ठ प्रचारक भैया जी जोशी, ट्रस्टी गोविंद देव गिरि और अनिल मिश्रा समेत हजारों रामभक्त इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने. मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को स्मृति चिह्न भेंट कर उनका स्वागत किया.
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