रायबरेली: यूपी बोर्ड की परीक्षा की कॉपियों में इस बार उत्तरों की जगह 'इमोशनल ब्लैकमेलिंग' का तड़का लगा है। मूल्यांकन केंद्रों पर जैसे ही कॉपियों के बंडल खुले, तो परीक्षकों का सिर चकरा गया। कॉपियों में सवालों के जवाब तो नदारद थे, लेकिन परीक्षकों को 'मक्खन' लगाने और दुआएं देने में छात्रों ने कोई कसर नहीं छोड़ी। एक परीक्षार्थी ने तो गुरुजी को सीधा इमोशनल डोज देते हुए लिख मारा— “गुरुजी हमें पास कर देना, आपके बच्चे खुश रहेंगे.” अब इसे छात्र की मासूमियत कहें या शातिर दिमाग, लेकिन इस जुमले ने मूल्यांकन केंद्र पर गंभीर माहौल को ठहाकों में बदल दिया.
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बात यहीं नहीं रुकी, कुछ छात्र तो सीधे 'डील' करने के मूड में दिखे। एक उत्तर पुस्तिका में बड़े रौब से लिखा था— “गुरुजी, हमने अपना काम (कॉपी भरना) कर दिया है, अब आप अपना काम (नंबर देना) ठीक से कर देना।” मानो छात्र और परीक्षक के बीच कोई गुप्त समझौता हुआ हो. शाम को जब मूल्यांकन केंद्रों के बाहर चाय की चुस्कियां शुरू हुईं, तो गुरुजी कॉपियों से निकले इन 'प्रेम पत्रों' के किस्से सुनाकर एक-दूसरे का मनोरंजन करने लगे। एक परीक्षक ने बताया कि हिंदी की कॉपी में एक बच्चे ने अपनी लाचारी दिखाते हुए लिखा था— “गुरुजी, जितना हाथ चला उतना लिख दिया, बाकी अब आपकी कृपा है.
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आंकड़ों की बात करें तो दूसरे दिन इंटर की 18 हजार और हाईस्कूल की 38 हजार कॉपियों को 'निपटाया' गया। जीआईसी, जीजीआईसी समेत चार केंद्रों पर 1634 परीक्षकों की फौज लगी है, जिनमें से कई तो ड्यूटी से नदारद भी रहे। वहीं जिला विद्यालय निरीक्षक संजीव कुमार सिंह का कहना है कि कॉपियों में 'राम-राम' या ऐसे नोट लिखना पुरानी बात है, हालांकि उन्हें अभी तक इसकी कोई आधिकारिक रिपोर्ट नहीं मिली है। खैर, रिपोर्ट मिले न मिले, लेकिन छात्रों की ये 'भावुक कलाकारी' पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है.
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