अबू धाबी में दी गई बांदा की महिला शहजादी खान को फांसी, मृतका के पिता बोले- 'सरकार ने साथ नहीं दिया'

UP News: अबू धाबी में चार महीने के बच्चे की कथित हत्या के लिए मौत की सजा का सामना कर शहजादी खान नामक भारतीय महिला को 15 फरवरी को फांसी दे दी गई है.

Shahzadi Khan

यूपी तक

04 Mar 2025 (अपडेटेड: 04 Mar 2025, 01:12 PM)

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UP News: अबू धाबी में चार महीने के बच्चे की कथित हत्या के लिए मौत की सजा का सामना कर शहजादी खान नामक भारतीय महिला को 15 फरवरी को फांसी दे दी गई है. मालूम को कि शहजादी उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के गोयरा मुगलई गांव की रहने वाली थी. शहजादी खान को 10 फरवरी, 2023 को अबू धाबी पुलिस को सौंप दिया गया था और उसे 31 जुलाई, 2023 को मौत की सजा सुनाई गई. उसे अल वथबा जेल में रखा गया था. 

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आपको बता दें कि शहजादी खान को फांसी दिए जाने की खबर सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान सामने आई, जब विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की कि उसे पिछले महीने फांसी दी जा चुकी है.  उसका अंतिम संस्कार अबू धाबी में पांच मार्च को होगा.

परिवार को 28 फरवरी तक नहीं मिली सूचना 

शहजादी खान के परिवार को 28 फरवरी तक उसे फांसी दिए जाने के बारे में जानकारी नहीं थी. इसकी आधिकारिक पुष्टि होने पर परिवार को जानकारी मिली. शहजादी के पिता शब्बीर खान ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी शहजादी खान को न्याय नहीं मिला और भारत सरकार ने परिवार को कोई सहायता नहीं दी. 

'सरकार ने हमारा साथ नहीं दिया'

शब्बीर खान ने कहा, ‘‘हमने भारत सरकार से संपर्क किया और कई जगहों पर आवेदन दिए, लेकिन हमारे पास न तो पैसे थे और न ही वहां जाकर वकील करने का कोई साधन था. सरकार ने हमारा साथ नहीं दिया."

'वे इस दर्द को नहीं समझ सकते...'

अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, "योगी जी (उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ) और मोदी जी (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) की बेटियां नहीं हैं, इसलिए वे इस दर्द को नहीं समझ सकते. अगर उनका कोई करीबी होता, तो वे कार्रवाई करते."

हालांकि, विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि भारतीय दूतावास ने शहजादी को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) सरकार के सामने दया याचिका और माफी का अनुरोध भेजने समेत हर संभव कानूनी सहायता प्रदान की.  संयुक्त अरब अमीरात में शहजादी को एक शिशु की हत्या के आरोप में दोषी ठहराया गया था और उसे मौत की सजा सुनाई गई थी. संयुक्त अरब अमीरात की सर्वोच्च अदालत ‘कोर्ट ऑफ कैसेशन’ ने इस सजा को बरकरार रखा. संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों ने 28 फरवरी, 2025 को (भारतीय) दूतावास को सूचित किया कि शहजादी की सजा पर अमल स्थानीय कानूनों के अनुसार किया गया. 

शहजादी के पिता ने सुनाया अपना पक्ष

शब्बीर खान ने बताया कि उनकी बेटी अबू धाबी में नाजिया नाम की एक महिला के लिए काम करती थी, जिसने हाल में एक बच्चे को जन्म दिया था. शब्बीर खान के अनुसार, जब बच्चा चार महीने का था, तो उसे एक टीका लगाया गया था, जो आमतौर पर छह महीने में दिया जाता है.  उन्होंने आरोप लगाया कि शिशु की मौत टीके की वजह से हुई थी, लेकिन शहजादी पर गलत तरीके से हत्या का आरोप लगाया गया और उसे मौत की सजा सुनाई गई.  शब्बीर खान ने दावा किया कि बच्चे की मां ने शहजादी की दोषसिद्धि सुनिश्चित करने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया, जिसके कारण उसे फांसी की सजा मिली.