अतीक के बेटे उमर अहमद की मुंह पर उंगली रखने वाली फोटो गाड़ी पर लगी दिखी, कौन था जो ये कार चला रहा था?

आनंद राज

• 11:55 AM • 28 Aug 2026

प्रयागराज में अतीक अहमद के बेटे उमर अहमद की ‘शांत रहने की अपील’ वाली तस्वीर फिर चर्चा में है. झारखंड नंबर की कार पर पोस्टर वायरल होने के बाद 2027 चुनाव से पहले सियासी हलचल और उमर की संभावित राजनीति को लेकर चर्चाएं तेज हैं.

Umar Ahmed Poster on car

Umar Ahmed Poster on car

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प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के बड़े बेटे उमर अहमद की एक चर्चित तस्वीर एक बार फिर सुर्खियों में है. अपने छोटे भाई अबान अहमद के अंतिम संस्कार के दौरान कसारी-मसारी कब्रिस्तान में लोगों से मुंह पर उंगली रखकर शांत रहने की अपील करती उमर की तस्वीर अब सोशल मीडिया के पोस्ट से निकलकर गाड़ियों के पोस्टरों तक पहुंच गई है. झारखंड नंबर की एक काले रंग की कार के पीछे उमर की इसी तस्वीर का बड़ा पोस्टर लगा हुआ वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले इस तस्वीर के वायरल होने और गाड़ियों पर दिखने के बाद सियासी गलियारों में कई तरह की चर्चाएं छिड़ गई हैं.

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क्या है पूरा मामला

यह पूरा माजरा कसारी-मसारी कब्रिस्तान का बताया जा रहा है जहां अतीक के छोटे बेटे अबान के अंतिम संस्कार के दौरान भारी भीड़ उमड़ी थी. उस गमगीन माहौल में भीड़ को नियंत्रित करने और शांत कराने के लिए उमर अहमद ने अपने होठों पर उंगली रखकर लोगों से अपील की थी. कैमरे में कैद हुई यह तस्वीर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुई थी.

अब सोशल मीडिया पर एक नई रील सामने आई है जिसमें एक काले रंग की लग्जरी गाड़ी के पिछले शीशे पर उमर की वही 'चुप रहने की अपील' वाली तस्वीर का बड़ा पोस्टर चिपका हुआ दिख रहा है. हालांकि गाड़ी का नंबर झारखंड (JH) का है. लेकिन यह वीडियो झारखंड में कहां का है और इसे चलाने वाला शख्स कौन है, इसकी सटीक जानकारी फिलहाल साफ नहीं हो सकी है.

सियासी जमीन टटोलने की कोशिश या सिर्फ निजी पसंद?

राजनीति में टाइमिंग और तस्वीरों का अपना अलग महत्व होता है. किसी नेता या चर्चित चेहरे का पोस्टर गाड़ियों और सड़कों पर दिखना अकारण नहीं माना जाता.

अतीक अहमद के बड़े बेटे उमर अहमद के चुनावी मैदान में उतरने को लेकर काफी समय से तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं. ऐसे में 2027 के चुनाव से पहले गाड़ियों पर पोस्टर दिखने को माहौल बनाने और सियासी जमीन नापने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.

राजनीति में पोस्टर का मतलब सीधा चेहरा और पहचान से होता है. कुछ लोगों का मानना है कि यह उमर के प्रति किसी समर्थक का व्यक्तिगत सम्मान या सोशल मीडिया लोकप्रियता का नतीजा भी हो सकता है.

सवालों के घेरे में 'तस्वीर का गणित'

फिलहाल इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है कि यह पोस्टर किसी सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है या किसी प्रशंसक का व्यक्तिगत कदम. गाड़ी के पीछे पोस्टर लगाने वाला शख्स कौन है और उसका असली मकसद क्या है यह अभी पर्दे के पीछे है. हालांकि इसे सीधे तौर पर चुनावी तैयारी कहना जल्दबाजी होगी.लेकिन 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले प्रयागराज से लेकर सोशल मीडिया तक इस पोस्टर की गूंज ने सियासी हलचल जरूर बढ़ा दी है.

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