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पूर्व विधायक खब्बू तिवारी के गांव बरईपारा का क्या है माहौल? पंचायत चुनाव पर जनता की राय

Ayodhya Panchayat Election 2026: अयोध्या के बरईपारा गांव में पंचायत चुनाव की सरगर्मी. पूर्व विधायक खब्बू तिवारी के गांव में विकास की क्या है हकीकत? जानें सड़कों, बाईपास और प्रधानी के कार्यों पर ग्रामीणों की बेबाक राय.

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उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की आहट के साथ ही गांवों में सियासी सरगर्मी बढ़ गई है. यूपी Tak की टीम अपनी खास सीरीज 'पंचायत' के तहत अयोध्या और अंबेडकर नगर की सीमा पर स्थित बरईपारा गांव पहुंची. यह गांव गोसाईगंज विधानसभा के पूर्व विधायक इंद्रप्रताप तिवारी उर्फ खब्बू तिवारी का पैतृक निवास है. 

बरईपारा गांव अयोध्या-अंबेडकर नगर हाईवे से सटा हुआ है. यहां के ग्रामीणों का दावा है कि पूर्व विधायक खब्बू तिवारी के कार्यकाल में यहां 'विकास की गंगा' बही है. स्थानीय निवासी सुभाष शुक्ला और संजय तिवारी बताते हैं कि गाव में शायद ही कोई ऐसी जगह बची हो जहां सड़क न बनी हो. पूरे क्षेत्र में आरसीसी और इंटरलॉकिंग सड़कों का काम हुआ है.

ग्रामीण अंजन गुप्ता ने बताया कि गोसाईगंज कस्बे में व्यापारियों की सुविधा के लिए बाईपास का निर्माण और संकरे पुलों का चौड़ीकरण खब्बू तिवारी की बड़ी उपलब्धियां रही हैं. गांव में पंचायत भवन और खेलकूद के मैदान का निर्माण भी विधायक निधि और सरकारी योजनाओं के जरिए कराया गया है.

पंचायत चुनाव: क्या होंगे मुख्य मुद्दे?

गांव में पंचायत चुनाव को लेकर चर्चाएं तेज हैं. हालांकि, ओबीसी आयोग की रिपोर्ट और कानूनी प्रक्रियाओं के कारण चुनाव में कुछ देरी की संभावना जताई जा रही है, लेकिन ग्रामीण वोट डालने के लिए तैयार हैं. राजकुमार और रामसागर गुप्ता जैसे ग्रामीणों का मानना है कि पंचायत चुनाव में मुद्दा सिर्फ विकास रहेगा. जो व्यक्ति जनसेवा करेगा और गांव की समस्याओं को सुलझाएगा, जनता उसे ही प्रधान चुनेगी. वर्तमान प्रधान सुधीर वर्मा के कार्यों से भी लोग संतुष्ट नजर आए. ग्रामीणों के अनुसार, विधायक का गांव होने के कारण यहाँ मॉनिटरिंग बेहतर रहती है. 

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रिपोर्ट के दौरान यह बात उभर कर आई कि खब्बू तिवारी का अपने गांव और क्षेत्र के लोगों से व्यक्तिगत जुड़ाव है. ग्रामीण बताते हैं कि वह हर किसी को नाम और चेहरे से पहचानते हैं. सुख-दुख में उनकी और उनके परिवार की मौजूदगी ग्रामीणों के लिए उन्हें खास बनाती है. कृष्णदेव मिश्रा कहते हैं कि विधायक जी बचपन के साथी हैं, उन्होंने क्षेत्र के लिए जो किया है, वह ऐतिहासिक है.