आने वाले चुनावों में मायावती को मिलेगा ठाकुर वोट? इस क्षत्रिय संगठन ने किया बसपा को समर्थन देने का ऐलान
UP News: यूपी Tak के शो 'आज का यूपी' में देखें करणी सेना ने मायावती को बताया 'राजा', क्या भाजपा से टूटेंगे ठाकुर वोट? और शंकराचार्य विवाद पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का बड़ा बयान.
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UP News: यूपी Tak का खास शो आज का यूपी राज्य की राजनीतिक और सामाजिक हलचलों का सटीक विश्लेषण पेश करता है. आज के अंक में हम उत्तर प्रदेश की तीन बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों पर चर्चा करेंगे. पहली खबर करणी सेना द्वारा यूजीसी के नए नियमों के विरोध और बसपा सुप्रीमो मायावती को समर्थन देने के ऐलान से जुड़ी है, जिसने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है. दूसरी बड़ी खबर में हम विश्लेषण करेंगे कि क्या वाकई ठाकुर मतदाता बीजेपी से छिटक कर मायावती की ओर जा सकते हैं या आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं. वहीं, तीसरी खबर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के उस चौंकाने वाले बयान पर है, जिसमें उन्होंने माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों के साथ हुए दुर्व्यवहार को महापाप बताया है.
करणी सेना का बीजेपी के खिलाफ मोर्चा और मायावती को 'राजा' का दर्जा
करणी सेना के प्रमुख राज सिंह शेखावत ने यूजीसी (UGC) के नए नियमों को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है. शेखावत का आरोप है कि जिस सामान्य वर्ग और क्षत्रिय समाज ने भाजपा को सींचकर वटवृक्ष बनाया, आज वही सरकार उनके बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है. करणी सेना ने साफ किया है कि जब तक यूजीसी के ये नियम वापस नहीं लिए जाते, उनका विरोध जारी रहेगा.
दिलचस्प बात यह है कि करणी सेना अब मायावती के पक्ष में खड़ी नजर आ रही है.मायावती द्वारा सवर्णों के पक्ष में स्टैंड लेने और यूजीसी के नियमों को तनाव फैलाने वाला बताने पर शेखावत ने उनकी तुलना राजा से की है. उन्होंने कहा कि मायावती ने निष्पक्ष होकर अपनी बात रखी है, इसलिए अब हमारा समर्थन उनके साथ है. उन्होंने सांसदों और मंत्रियों को चेतावनी दी है कि जो हमारे साथ नहीं, हम उसे सत्ता से उखाड़ फेंकने की ताकत भी रखते हैं.
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क्या ठाकुर वोट बैंक में लगेगी सेंध? समझिए आंकड़ों का गणित
करणी सेना भले ही मायावती को समर्थन देने की बात कर रही हो, लेकिन क्या धरातल पर ठाकुर मतदाता बीजेपी का साथ छोड़ेंगे? यह एक बड़ा सवाल है. 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी राजपूतों की नाराजगी की काफी चर्चा हुई थी, लेकिन CSDS के डेटा ने कुछ और ही सच्चाई पेश की है.
डेटा के अनुसार, 2019 के लोकसभा चुनाव में 82% राजपूतों ने यूपी में बीजेपी को वोट दिया था, जबकि 2024 के चुनाव में यह आंकड़ा घटकर कम होने के बजाय बढ़कर 89% हो गया. उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ न केवल एक बड़े राजपूत चेहरे हैं, बल्कि उनकी हिंदुत्ववादी छवि और बेहतर कानून-व्यवस्था के ट्रैक रिकॉर्ड के कारण क्षत्रिय समाज मजबूती से बीजेपी के साथ खड़ा दिखाई देता है. ऐसे में करणी सेना की अपील का चुनाव पर कितना असर होगा, यह देखना चुनौतीपूर्ण है.
शंकराचार्य विवाद: ब्रजेश पाठक का सनातनी रुख और ब्राह्मण सियासत
ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और प्रशासन के बीच तनातनी के बीच उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने अपनी ही सरकार के रुख से इतर एक संवेदनशील बयान दिया है. माघ मेले में पुलिस द्वारा शिष्यों की चोटी खींचे जाने की घटना पर पाठक ने इसे महा अपराध और पाप करार दिया है.
ब्रजेश पाठक ने कहा कि पुलिस को बल प्रयोग करने के अन्य तरीके अपनाने चाहिए थे, लेकिन शिखा खींचना सनातन परंपरा का अपमान है और ऐसा करने वालों को पाप लगेगा. उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब समाजवादी पार्टी के नेता माता प्रसाद पांडे इस मुद्दे को ब्राह्मणों के अपमान से जोड़कर सरकार को घेर रहे हैं. माना जा रहा है कि पाठक का यह बयान ब्राह्मण समाज की संभावित नाराजगी को शांत करने की एक कोशिश हो सकती है. हालांकि, सीएम योगी आदित्यनाथ पहले ही विधानसभा में कह चुके हैं कि मर्यादाओं का पालन सभी को करना होगा और कानून का शासन सर्वोपरि है.










