कौन हैं सलीम शेरवानी जिन्होंने खूब सुनाकर छोड़ा सपा चीफ अखिलेश यादव का साथ?

यूपी तक

ADVERTISEMENT

सपा चीफ अखिलेश यादव
social share
google news

UP News: लोकसभा चुनाव जैसे-जैसे पास आते जा रहे हैं, समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) को लगातर झटके पर झटके लगते जा रहे हैं. राज्यसभा चुनाव में सपा उम्मीदवारों के नाम सामने आते ही पार्टी के एक खेमे में भारी नाराजगी दिख रही है. दरअसल सपा के राज्यसभा उम्मीदवारों में एक भी मुस्लिम नेता का नाम नहीं था. इसको लेकर अब सपा के मुस्लिम नेता अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं. कुछ नेताओं ने तो अखिलेश यादव से नाराजगी जाहिर करते हुए सपा से इस्तीफा तक दे दिया है.

इसी बीच समाजवादी पार्टी के महासचिव सलीम शेरवानी ने भी सपा से अपना इस्तीफा दे दिया है. सलीम शेरवानी सपा के महासचिव पद पर थे. सलीम शेरवानी ने बकायदा अखिलेश यादव के नाम पत्र लिखते हुए सपा से इस्तीफा दिया है. उन्होंने साफ कहा है कि सपा मुसलमानों की उमेक्षा कर रही है. इसलिए वह पार्टी से इस्तीफा दे रहे हैं. 

‘मुसलमान खो रहे सपा को लेकर विश्वास’

सपा के महासचिव रहे सलीम शेरवानी ने अखिलेश यादव के नाम पत्र लिखा है. इस पत्र के माध्यम से उन्होंने सपा और अखिलेश यादव पर कई आरोप लगाए हैं. उन्होंने पत्र में लिखा, मैंने हमेशा आपको ये बताने की कोशिश की है कि मुसलमान सपा से अपना विश्वास लगातार खोते जा रहे हैं. पार्टी के साथ उनकी दूरियां लगातार बढ़ती जा रही हैं. मगर किसी भी बात का कोई असर नहीं हुआ.

यह भी पढ़ें...

ADVERTISEMENT

‘पार्टी की तरफ से राज्यसभा में एक भी मुसलमान नाम नहीं’

सलीम शेरवानी ने अपने पत्र में राज्यसभा उम्मीदवारों का भी जिक्र किया है. उन्होंने पत्र में अखिलेश यादव को लिखा है, मैंने आपको अनुरोध किया था कि सपा एक मुसलमान को राज्यसभा भेजे. मगर जिस तरह से आपने राज्यसभा उम्मीदवारों का ऐलान किया है, उससे साफ है कि आप खुद ही पीडीए को महत्व नहीं देते.

सलीम शेरवानी ने पत्र में आगे लिखा कि,  मुसलमान एक सच्चे रहनुमा की तलाश में हैं. मुझे लगता है सपा में रहते हुए मैं मुसलमान की हालत में बहुत परिवर्तन नहीं ला सकता हूं. इसी के साथ उन्होंने अपना इस्तीफा अखिलेश यादव को सौंप दिया है.

ADVERTISEMENT

अखिलेश यादव को लिखा पत्र

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी भी दिखा चुके हैं अखिलेश से नाराजगी

बता दें कि इससे पहले ऑल इंडिया मुस्लिम जमात बरेली शरीफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने भी अखिलेश यादव को पत्र लिखकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी. उन्होंने पत्र में लिखा था, ‘अखिलेश जी, आपने दलित-पिछड़ों और मुसलमानों को मिलाकर पीडीए बनाया. आप इसका अभियान भी चला रहे हैं. साल 2022 के विधानसभा चुनाव में भी सपा के जितने भी विधायक जीते, वह सब मुसलमानों की वजह से ही जीते. उस दौरान 98 प्रतिशत मुसलमानों ने समाजवादी पार्टी को वोट दिया और आपकी इज्जत बचाई.’ 

उन्होंने पत्र में आगे लिखा, कई बिरादरी समेत आपकी खुद की बिरादरी भी भाजपा के साथ चली गई. मगर मुसलमान आपका समर्थन करते रहे. उन्होंने आपका साथ नहीं छोड़ा. मगर आपने तो एक भी मुसलमान को राज्यसभा भेजना गवारा नहीं समझा. मुसलमानों का हक कम से कम 2 राज्यसभा सीटों पर बनता था. आपके इस रवैये और फैसले से मुसलमानों को ठेस पहुंची है.

ADVERTISEMENT

    Main news
    follow whatsapp

    ADVERTISEMENT