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प्रयागराज की शहर पश्चिमी सीट से सिद्धार्थनाथ सिंह का कटेगा टिकट या BJP फिर देगी मौका? पूजा पाल, ऋचा सिंह और जया पाल के नामों पर चर्चा तेज!

प्रयागराज की शहर पश्चिमी विधानसभा सीट एक बार फिर राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में है. इस सीट का नाम आते ही अतीक अहमद और राजू पाल के बीच की पुरानी राजनीतिक दुश्मनी याद आती है.

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Prayagraj City West Assembly Seat
Prayagraj City West Assembly Seat (Photo AI Generated)
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Prayagraj City West Assembly Seat: प्रयागराज की शहर पश्चिमी विधानसभा सीट एक बार फिर राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में है. इस सीट का नाम आते ही अतीक अहमद और राजू पाल के बीच की पुरानी राजनीतिक दुश्मनी याद आती है. अब 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर यहां बीजेपी के टिकट पर कई नामों की चर्चा हो रही है. मौजूदा विधायक सिद्धार्थनाथ सिंह को तीसरी बार मौका मिलेगा या फिर बीजेपी पूजा पाल, जया पाल या ऋचा सिंह जैसे चेहरों पर दांव लगाएगी, इसे लेकर अटकलें तेज हैं. वहीं समाजवादी पार्टी और कांग्रेस में भी संभावित उम्मीदवारों के नाम सामने आ रहे हैं. अतीक अहमद के परिवार से किसी के चुनाव लड़ने की चर्चा ने इस सीट की सियासत को और दिलचस्प बना दिया है.

राजू पाल की जीत से शुरू हुई थी अतीक अहमद को चुनौती

शहर पश्चिमी सीट पर अतीक अहमद लगातार चुनाव जीतते रहे थे. इसी दौरान राजू पाल ने पहली बार अतीक अहमद के खिलाफ चुनाव लड़ा और जीत हासिल कर विधायक बने. इसके बाद अतीक अहमद सांसद बन गए और सीट पर उपचुनाव हुआ. इस उपचुनाव में भी राजू पाल ने जीत दर्ज की. इसके बाद राजू पाल की हत्या हो गई. इस मामले में अतीक अहमद और अशरफ को सजा हुई. मामला अदालत में चल रहा था, तभी अतीक अहमद की हत्या हो गई. राजू पाल की हत्या के बाद उनकी पत्नी पूजा पाल ने बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और शहर पश्चिमी से दो बार विधायक बनीं.

2017 और 2022 में सिद्धार्थनाथ सिंह ने दर्ज की जीत

2012 में पूजा पाल के विधायक बनने के बाद 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने सिद्धार्थनाथ सिंह को मैदान में उतारा. उस समय मोदी और योगी की लहर के बीच सिद्धार्थनाथ सिंह चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे. 2022 के चुनाव में भी बीजेपी ने उन्हें टिकट दिया और उन्होंने दोबारा जीत हासिल की. पहली योगी सरकार में सिद्धार्थनाथ सिंह मंत्री रहे, जबकि दूसरी सरकार में उन्हें मंत्री पद नहीं मिला और वह विधायक बने रहे. अब सवाल है कि क्या बीजेपी उन्हें 2027 में तीसरी बार भी टिकट देगी या शहर पश्चिमी सीट पर किसी नए चेहरे को मौका मिलेगा?

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पूजा पाल और जया पाल के नामों की भी चर्चा

बीजेपी में पूजा पाल के नाम को लेकर भी चर्चा तेज है. राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि पार्टी अतीक अहमद बनाम पूजा पाल के राजनीतिक नैरेटिव को आगे बढ़ा सकती है. पूजा पाल फिलहाल कौशांबी की चायल विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी की विधायक हैं. चर्चा है कि वह इस बार शहर पश्चिमी से चुनाव लड़ना चाहती हैं. इसी सीट से एक और नाम जया पाल का सामने आ रहा है. वह उमेश पाल की पत्नी हैं. उमेश पाल की हत्या के बाद अतीक अहमद के खिलाफ कार्रवाई और उसके बाद की घटनाएं भी इस सीट की राजनीति से जुड़ी चर्चा का हिस्सा बनी हुई हैं. ऐसे में बीजेपी की ओर से पूजा पाल या जया पाल में से किसी को टिकट दिए जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं.

सिद्धार्थनाथ सिंह के टिकट पर सवाल

शहर पश्चिमी सीट से ऋचा सिंह का नाम भी चर्चा में है. वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति से निकलीं और समाजवादी पार्टी ने उन्हें अपना युवा चेहरा बनाकर मैदान में उतारा था. पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने सपा के टिकट पर सिद्धार्थनाथ सिंह को चुनौती दी थी, हालांकि वह चुनाव नहीं जीत सकीं. अब ऋचा सिंह बीजेपी में हैं. बीते दिनों उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात भी की थी. ऐसे में उनके नाम को लेकर भी कयास लगाए जा रहे हैं. दूसरी ओर, मौजूदा विधायक सिद्धार्थनाथ सिंह के खिलाफ क्षेत्र में नाराजगी और एंटी-इनकंबेंसी की चर्चा है. स्थानीय स्तर पर उनकी कार्यशैली, लोगों से संवाद और अनउपलब्धता को लेकर शिकायतें सामने आने की बात कही जा रही है. बीजेपी में डॉ. सुशील सिन्हा और डॉ. कृतिका अग्रवाल के नामों की भी चर्चा है.

सपा के सामने भी उम्मीदवार चुनने की चुनौती

ऋचा सिंह के बीजेपी में जाने के बाद समाजवादी पार्टी के सामने भी शहर पश्चिमी सीट पर नए उम्मीदवार को लेकर सवाल है. सपा में टिकट के दावेदारों के तौर पर तारिक सईद उर्फ अजू भैया, मयंक यादव उर्फ जॉन्टी और रमाकांत पटेल के नाम चर्चा में हैं. इसके अलावा अमरनाथ मौर्य का नाम भी सामने आ रहा है. अमरनाथ मौर्य फूलपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं. लोकसभा चुनाव के दौरान फूलपुर में इंडिया गठबंधन की संयुक्त रैली में राहुल गांधी और अखिलेश यादव को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे. इस चुनाव में अमरनाथ मौर्य कम अंतर से हार गए थे. अब चर्चा है कि वह फूलपुर लोकसभा क्षेत्र में आने वाली शहर पश्चिमी विधानसभा सीट से दावेदारी कर सकते हैं. कांग्रेस की ओर से ललन पटेल और सईद अहमद के नाम भी चर्चा में बताए जा रहे हैं. ऐसे में सपा और कांग्रेस को तय करना होगा कि इस सीट पर किसे उम्मीदवार बनाया जाए या फिर यह सीट गठबंधन में कांग्रेस के खाते में जाती है.

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क्या अतीक अहमद के परिवार से भी कोई लड़ेगा चुनाव?

शहर पश्चिमी सीट को लेकर एक चर्चा अतीक अहमद के परिवार से जुड़े संभावित उम्मीदवार की भी है. हालांकि, अतीक के दो बेटे जेल में बंद हैं और उनकी पत्नी शाइस्ता परवीन फरार हैं. ऐसे में परिवार से किसी के चुनाव लड़ने की संभावना को फिलहाल मुश्किल माना जा रहा है. बीते समय में अतीक के एक बेटे की कार दुर्घटना में मौत के बाद उनके दोनों भाई बाहर आए थे. उत्तर प्रदेश में एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने उनके ओवैसी को संदेश भेजने की बात का खुलासा किया था. इसके बाद अटकलें लगाई गईं कि एआईएमआईएम अतीक अहमद के परिवार को चुनावी मैदान में उतार सकती है. शाइस्ता परवीन पहले बसपा और एआईएमआईएम की राजनीति कर चुकी हैं. अगर अतीक परिवार से कोई उम्मीदवार मैदान में उतरता है तो शहर पश्चिमी का चुनावी मुकाबला और चर्चा में आ सकता है.

BJP के टिकट से लेकर सपा-कांग्रेस के उम्मीदवार तक, कई सवाल

फिलहाल शहर पश्चिमी सीट पर कई नामों को लेकर चर्चाएं हैं, लेकिन किसी भी पार्टी ने उम्मीदवार का ऐलान नहीं किया है. बीजेपी में सबसे बड़ा सवाल सिद्धार्थनाथ सिंह के टिकट को लेकर है. अगर उन्हें दोबारा मौका मिलता है तो पूजा पाल और ऋचा सिंह जैसे नेताओं की दावेदारी का क्या होगा? वहीं, अगर पूजा पाल को टिकट मिलता है तो क्या मुकाबला फिर अतीक बनाम पूजा पाल के नैरेटिव के इर्द-गिर्द होगा? दूसरी ओर, सपा और कांग्रेस के सामने भी उम्मीदवार तय करने की चुनौती है. अमरनाथ मौर्य, अजू भैया और दूसरे दावेदारों में से किसे मौका मिलेगा, यह देखना होगा. क्या अतीक अहमद के परिवार से कोई चुनाव लड़ेगा या शहर पश्चिमी में मुकाबला बीजेपी के मौजूदा विधायक और दूसरे दावेदारों के बीच ही रहेगा? इन सवालों के जवाब टिकटों के ऐलान के बाद ही मिलेंगे.