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पूर्व CBI निदेशक एम. नागेश्वर राव ने राजनीति में ली एंट्री, काशी में सर्वजन सनातन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने

पूर्व CBI निदेशक एम. नागेश्वर राव ने वाराणसी में सक्रिय राजनीति में कदम रखने का ऐलान किया है. काशी की धरती से उन्होंने सर्वजन सनातन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में अपनी नई भूमिका की शुरुआत की.

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Former CBI Director M Nageswara Rao
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Former CBI Director M Nageswara Rao in Politics: पूर्व CBI निदेशक एम. नागेश्वर राव ने वाराणसी में सक्रिय राजनीति में कदम रखने का ऐलान किया है. काशी की धरती से उन्होंने सर्वजन सनातन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में अपनी नई भूमिका की शुरुआत की. करीब चार दशक तक सुरक्षा, कानून व्यवस्था और प्रशासन से जुड़े रहे राव ने कहा कि भारत का नवनिर्माण केवल प्रशासनिक सुधारों के जरिए संभव नहीं है. उनके मुताबिक देश को आधुनिक विकास की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए, लेकिन अपनी सभ्यता और सांस्कृतिक जड़ों से जुड़कर. इस मौके पर पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महंत तीर्थानंद, उपाध्यक्ष ऋतु राठौड़, महासचिव राजा सक्षम सिंह योगी, प्रवक्ता बबीता शर्मा, उत्तर प्रदेश प्रभारी राकेश तिवारी और संगठन मंत्री नरनारायण सिंह भी मौजूद रहे.

एम. नागेश्वर राव ने ये रखी पार्टी की सोच

एम. नागेश्वर राव ने कहा कि उनकी पार्टी की सोच में सनातन केवल पूजा-पद्धति तक सीमित नहीं है. यह जीवन को देखने का एक नजरिया है, जो सच, धर्म, कर्तव्य, करुणा, न्याय, संयम, प्रकृति, परिवार, समाज और जनकल्याण जैसे मूल्यों पर आधारित है. उन्होंने साफ कहा कि पार्टी का उद्देश्य अतीत में लौटना नहीं है. इसके बजाय तकनीक और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में आधुनिक भारत का निर्माण करना है, लेकिन इसके साथ देश की सांस्कृतिक पहचान को भी बनाए रखना जरूरी है. राव ने कहा कि सनातन को सिर्फ चुनावी निशान के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसके मूल्यों की झलक शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, शासन, संस्कृति और सामाजिक जीवन में भी दिखाई देनी चाहिए.

ये चार स्तंभ तय किए

पार्टी ने अपनी प्राथमिकताओं के लिए चार प्रमुख स्तंभ तय किए हैं. पहला शिक्षा है, जिसमें भारतीय सभ्यता, इतिहास और ज्ञान परंपरा से जुड़ाव के साथ आधुनिक और वैश्विक स्तर की पढ़ाई पर जोर दिया गया है. दूसरा स्वास्थ्य है, जिसमें आधुनिक चिकित्सा और भारतीय स्वास्थ्य परंपराओं को साथ लेकर सभी लोगों तक अच्छी और आसानी से उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की बात कही गई है. तीसरा आजीविका है, जिसके तहत युवाओं, किसानों, कारीगरों, मजदूरों, छोटे कारोबारियों और उद्यमियों के लिए सम्मानजनक रोजगार और अवसर देने की सोच रखी गई है. चौथा सभ्यतागत जुड़ाव है, जिसमें भाषाओं, कलाओं, मंदिरों, तीर्थ स्थलों, त्योहारों, ज्ञान परंपराओं, परिवार और सांस्कृतिक संस्थाओं को देश की ताकत माना गया है.

मंदिरों और तीर्थों को जीवित संस्थाओं के रूप में बचाने पर जोर

राव ने मंदिरों और तीर्थ स्थलों को केवल पूजा की जगह मानने के बजाय उन्हें सभ्यता की जीवित संस्थाओं के रूप में संरक्षित करने की बात कही. उन्होंने इनमें सम्मान, पारदर्शिता और लोगों की सार्थक भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया. उनका कहना है कि सनातन के मूल्यों को देश के सामाजिक और सार्वजनिक जीवन से जोड़ना जरूरी है. करीब चार दशक तक सुरक्षा, कानून व्यवस्था और प्रशासन से जुड़े रहने के अपने अनुभव के आधार पर उन्होंने कहा कि देश के नवनिर्माण के लिए केवल प्रशासनिक सुधार पर्याप्त नहीं हैं. आधुनिक विकास के साथ सभ्यता की जड़ों से जुड़ाव भी जरूरी है.

समाज को बांटने के बजाय सबके लिए काम

एम. नागेश्वर राव ने स्पष्ट किया कि सनातन किसी के खिलाफ नहीं है. पार्टी का मकसद किसी जाति या समुदाय का विरोध करना नहीं है. उन्होंने कहा कि पार्टी समाज को बांटने के बजाय सभी के लिए काम करने की सोच रखती है. वाराणसी से राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में सक्रिय राजनीति में कदम रखने के साथ राव ने पार्टी की इन चार प्राथमिकताओं को सामने रखा. उनका जोर ऐसे भारत पर है जो तकनीक और अर्थव्यवस्था में आधुनिक हो, लेकिन अपनी सांस्कृतिक पहचान और सभ्यतागत जुड़ाव को भी मजबूती से बनाए रखे.