पांच बार से मुख्तार और अब उनके बेटे विधायक...2027 विधानसभा चुनाव में क्या अब्बास अंसारी बचा पाएंगे अपनी कुर्सी
UP Kiska: यूपी तक के शो 'यूपी किसका' में मऊ सदर का सियासी विश्लेषण. मुख्तार अंसारी के निधन के बाद क्या उनके बेटे अब्बास अंसारी बचा पाएंगे अपना किला? जानें मऊ का जातीय समीकरण और बीजेपी-सुभासपा की नई रणनीति.
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Mukhtar Ansari and his son
UP Kiska: उत्तर प्रदेश की राजनीति में मऊ सदर एक ऐसी विधानसभा सीट है जिसकी पहचान पिछले दो दशकों से 'अंसारी परिवार' के अभेद्य किले के रूप में रही है. पांच बार मुख्तार अंसारी और अब उनके बेटे अब्बास अंसारी यहां से विधायक हैं. लेकिन मुख्तार अंसारी के निधन और बदलते सियासी समीकरणों के बीच सवाल यह है कि क्या 2027 में इस किले में सेंध लग पाएगी?