Opinion: MY समीकरण बनाम जाट राजनीति... पश्चिमी यूपी में जाट वोट सपा से दूर क्यों रहता है?
Opinion: पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में जाट बिरादरी की भूमिका बेहद निर्णायक है. कई विधानसभा सीटें ऐसी हैं जहां जाट मतदाता सीधे तौर पर हार-जीत तय करते हैं. यही कारण है कि भाजपा, सपा और रालोद तीनों ही इस वोट बैंक को अपने पाले में करने के लिए जोर आजमाइश करती हैं.
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Akhilesh Yadav (File Photo)
Opinion: उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. चुनाव से पहले प्रदेश में जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों पर चर्चा तेज हो गई है. इन समीकरणों में सबसे ज्यादा नजरें पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर हैं. इसकी एक वजह हाल के दिनों में समाजवादी पार्टी के भीतर सामने आई खींचतान भी है. सांसद रुचि वीरा, कमाल अख्तर और एसटी हसन के बीच खुलकर तल्खी देखने को मिली. विवाद इतना बढ़ा कि कमाल अख्तर को मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा देना पड़ा. यह केवल नेताओं के बीच का विवाद नहीं था, बल्कि इसने यह संकेत भी दिया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सपा के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है.
