Opinion: PDA में 'P' सिर्फ पोस्टर तक? पटेल समाज के सवालों पर क्यों खामोश हैं अखिलेश यादव
यूपी चुनाव 2027 से पहले PDA राजनीति और कुर्मी-पटेल समाज की भागीदारी को लेकर नई बहस छिड़ गई है. धर्मेंद्र प्रधान समेत कई मामलों पर उठे सवालों के बीच सपा और अखिलेश यादव की रणनीति पर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं.
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सपा चीफ अखिलेश यादव
Opinion:उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. चुनाव से पहले जातीय समीकरणों की चर्चा तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी लगातार PDA (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) के फार्मूले को अपनी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बता रही है. अखिलेश यादव हर मंच से सामाजिक न्याय और पिछड़ों की हिस्सेदारी की बात करते हैं. लेकिन इसी बीच एक सवाल लगातार उठ रहा है कि क्या PDA की राजनीति में सभी पिछड़ी जातियां बराबर की भागीदार हैं, या कुछ जातियां सिर्फ वोट तक सीमित हैं?
