सारनाथ से यमुना एक्सप्रेसवे तक बदला भारत-जापान का रिश्ता... यामानाशी के 200 सदस्यीय दल के दौरे से यूपी को मिलेगा नया आयाम
Opinion: जापान के यामानाशी प्रांत के 200 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के यूपी दौरे से भारत-जापान के ऐतिहासिक व आध्यात्मिक रिश्ते अब बड़े आर्थिक अवसर में बदल गए हैं. यमुना एक्सप्रेसवे (YEIDA) क्षेत्र में 500 एकड़ की 'जापानी सिटी', ग्रीन हाइड्रोजन पर रिसर्च, 3,195 करोड़ रुपये के निवेश और 10,000 युवाओं को रोजगार से जुड़े समझौतों पर मुहर लगी है. जानिए यूपी और जापान के इस नए औद्योगिक अध्याय की पूरी रिपोर्ट.
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यमुना एक्सप्रेसवे पर प्रॉपर्टी के दाम आसमान पर (ITG)
Opinion: यामानाशी के 200 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल के वर्तमान दौरे ने उत्तर प्रदेश और जापान के संबंधों को नया आयाम जरूर दिया है, लेकिन इतिहास को देखें तो रिश्तों की यह डोर बहुत पुरानी है जो समय के साथ और मजबूत ही हुई है. एक सिरा सारनाथ की पवित्र भूमि पर बंधा है, जहां बुद्ध ने अपना पहला उपदेश दिया था तो दूसरा सिरा जापान के किसी बौद्ध मंदिर से जुड़ता है. इस परिदृश्य में यामानाशी के प्रतिनिधिमंडल का आगरा, लखनऊ और वाराणसी जाना सिर्फ शिष्टाचार-भ्रमण नहीं, बल्कि सांस्कृतिक मिलन भी होगा. सदियों पहले जो रिश्ता आस्था और अध्यात्म की भाषा में जापान पहुंचा था, वह आज निवेश, तकनीक और रोजगार की भाषा में लौटकर उत्तर प्रदेश के दरवाज़े पर दस्तक दे रहा है. यह इतिहास का सुनियोजित, तार्किक विस्तार है और उत्तर प्रदेश के भविष्य की एक झलक भी.
