ज्ञानवापी के बाद अब कृति वाशेश्वर मंदिर पर हिंदू पक्ष ने जताया अपना हक, दी ये दलील

रोशन जायसवाल

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Varanasi News: ज्ञानवापी मस्जिद के बाद अब वाराणसी के हारतीरथ इलाके में स्थित भगवान कृति वाशेश्वर मंदिर का मुद्दा तूल पकड़ सकता है. दरअसल, यहां से मस्जिद की आकृति के आकार को हटाने, साज सज्जा के साथ भगवान कृति वाशेश्वर विराजमान के निर्वेद में पूजा पाठ, राज भोग और अभिषेक के मांग वाला वाद सिविल जज सीनियर डिवीजन अश्विनी कुमार की अदालत में दाखिल किया गया. 

किसने दाखिल किया है वाद?

आपको बता दें कि भगवान कृति वाशेश्वर की ओर से वाराणसी के नवादा सुंदरपुर निवासी संतोष सिंह, माधव मार्केट के हरिश्चंद्र तिवारी और बेनिया बाग इलाके के विकास कुमार शाह ने यह वाद दाखिल किया है. जिसमें वाराणसी के जिलाधिकारी के माध्यम से स्टेट ऑफ उत्तर प्रदेश, पुलिस कमिश्नर, हरतिरथ के रहने वाले मुस्लिम पक्ष के मोहम्मद इश्तियाक, उनकी पत्नी, मोहम्मद इंतियाज, उनकी पत्नी, पठानी टोला के मोहम्मद जहीर और अति प्राचीन कृति वाश्वेश्वर महादेव मंदिर सेवा समिति को प्रतिवादी भी बनाया गया है.

वादी मुकदमा संतोष सिंह ने ये बताया

वहीं, इस मामले में वादी मुकदमा संतोष सिंह ने बताया, "कृति वाशेश्वर मंदिर को भोलेनाथ का मस्तक तक कहा जाता है. इस मंदिर में निरंतर पूजा होती चली आ रही है, लेकिन वहां एक मस्जिद भी औरंगजेब के द्वारा बनवाई गई कायम है. इस मंदिर को तोड़कर उसी स्थान पर मस्जिद का निर्माण किया गया है. इसलिए हम न्यायालय के शरण में आए हैं कि कृति वाशेश्वर का मंदिर हमें पूर्ण रूप से मिल जाए. ताकि वहां पर भव्य मंदिर का निर्माण हो सके."

 

 
उन्होंने आगे बताया, "इस मंदिर पर हमारा पौराणिक और ऐतिहासिक हक है, जिसे हम लेकर रहेंगे. कानूनी तरीके से इस मंदिर को प्राप्त करने के लिए हमने न्यायालय में एक वाद दाखिल किया है कि कृति वाशेश्वर मंदिर से मस्जिद को हटाया जाए और पूरा परिसर हम सनातनियों को सौंप दिया जाए, जिससे एक भव्य मंदिर का निर्माण हो सके."

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