सपा नेता पवन यादव हत्याकांड में बड़ा खुलासा! पकड़े गए 3 आरोपियों में से लल्ला यादव ने बताई हत्या की वजह!
प्रयागराज में सपा नेता और पूर्व प्रधान पवन यादव हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा किया है. पुलिस ने लल्ला यादव, बृजेश यादव और निहाल अली को गिरफ्तार किया है. तीनों एक बाइक से वारदात को अंजाम देने पहुंचे थे. पुलिस ने बाइक और दो तमंचे भी बरामद किए हैं.
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प्रयागराज में सपा नेता और पूर्व प्रधान पवन यादव हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लल्ला यादव, बृजेश यादव और निहाल अली के रूप में हुई है. तीनों पर पवन यादव की हत्या में शामिल होने का आरोप है. पुलिस के अनुसार वारदात के दौरान तीनों एक ही बाइक पर सवार होकर पहुंचे थे. निहाल अली बाइक चला रहा था, बृजेश यादव बीच में और लल्ला यादव सबसे पीछे बैठा था. पुलिस का दावा है कि लल्ला यादव ने ही पवन यादव पर गोली चलाई थी. पुलिस ने घटना में इस्तेमाल बाइक के साथ दो तमंचे भी बरामद किए हैं.

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पुलिस की जांच में सामने आया है कि वारदात के बाद तीनों आरोपी बाइक से मौके से फरार हुए थे. घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद पुलिस ने संदिग्धों की पहचान की दिशा में जांच आगे बढ़ाई. पुलिस के मुताबिक पूछताछ में लल्ला यादव ने पवन यादव के साथ व्यक्तिगत दुश्मनी होने की बात बताई है. पुलिस का कहना है कि वारदात में इस्तेमाल दो तमंचे और कारतूस करीब 20 हजार रुपये में खरीदे गए थे. गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब हत्या की पूरी वजह और घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका की भी जांच कर रही है.

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पवन यादव की हत्या के बाद परिवार ने वर्तमान प्रधान के पति विनोद यादव और हिस्ट्रीशीटर लल्ला यादव पर हत्या में शामिल होने का शक जताया था. परिवार के मुताबिक पवन यादव गांव में लोकप्रिय थे और आगामी पंचायत चुनाव की तैयारी भी कर रहे थे. वह बीडीसी सदस्य भी थे. परिवार का कहना था कि गांव में चल रहे कई मामलों का पवन यादव ने विरोध किया था, जिसके चलते विनोद यादव के साथ उनकी निजी और चुनावी रंजिश चल रही थी. पुलिस पुराने विवादों और नामजद व संदिग्ध लोगों से पूछताछ के जरिए मामले की कड़ियां जोड़ रही है.

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परिवार के मुताबिक पवन यादव पर साल 2018 में भी बम और गोली से हमला हुआ था. उस समय भी इन्हीं लोगों पर आरोप लगाए गए थे. परिवार अब इस पुराने विवाद को मौजूदा हत्याकांड से जोड़कर देख रहा है. हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच के बाद ही हत्या की पूरी वजह स्पष्ट करने की बात कह रही है. पुलिस पूर्व की घटनाओं, पुराने विवादों और मौजूदा हत्याकांड के बीच संभावित संबंधों की भी पड़ताल कर रही है.

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दरअसल, प्रयागराज के गंगानगर जोन के हंडिया थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम समाजवादी पार्टी के युवा नेता पवन यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. बाइक सवार तीन हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाया था. गोली लगने के बाद आसपास मौजूद लोग पवन यादव को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. मृतक मुंगराव गांव के रहने वाले थे और समाजवादी पार्टी के जिला सचिव होने के साथ पूर्व प्रधान भी रह चुके थे. हत्या की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई और बड़ी संख्या में सपा समर्थक मोर्चरी पहुंच गए.

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पवन यादव के छोटे भाई ब्रजेश कुमार यादव ने घटना के बाद बताया था कि पवन किसी के बुलाने पर घर से निकले थे. उन्होंने कहा था, 'किसके बुलाने पर वह गए थे, पुलिस इस बात का पता लगा रही है.' उन्होंने बताया था कि बाइक सवार तीन हमलावरों ने पवन यादव को गोली मारी. शुरुआती दौर में परिवार ने किसी पारिवारिक रंजिश की जानकारी होने से इनकार किया था. घटना के बाद हंडिया थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज जुटाई. गंगानगर जोन के डीसीपी कुलदीप सिंह गुनावत के मुताबिक हत्याकांड के खुलासे के लिए कई पुलिस टीमें लगाई गई थीं. अब तीन आरोपियों की गिरफ्तारी और हथियार बरामदगी के बाद पुलिस आगे की जांच कर रही है.

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घटना के बाद हंडिया पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले. डीसीपी कुलदीप सिंह गुनावत के मुताबिक, एक बाइक पर सवार तीन हमलावरों ने वारदात की थी. पुलिस की कई टीमें जांच में जुटी थीं. अब तीन आरोपियों की गिरफ्तारी और हथियार बरामदगी के साथ अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है.

