कानपुर के किसान पंकज खेत में खाद की जगह मिला रहे ‘अग्निहोत्र भस्म’, दावा- लहलहाएगी फसल
Kanpur News: जलवायु परिवर्तन और बढ़ते प्रदूषण के कारण कई क्षेत्रों पर इसका प्रभाव पड़ रहा है. इसके चलते कृषि क्षेत्र पर भी इसका असर…
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Kanpur News: जलवायु परिवर्तन और बढ़ते प्रदूषण के कारण कई क्षेत्रों पर इसका प्रभाव पड़ रहा है. इसके चलते कृषि क्षेत्र पर भी इसका असर दिखने लगा है. लगातार बढ़ रहे रासायनिक खाद के इस्तेमाल से खेती करने वाली जमीन प्रदूषित हो रही है. इससे फसलों को भी नुकसान हो रहा है. फसलों का नुकसान होते देख, अब किसान रासायनिक खेती की जगह ‘अग्निहोत्र’ खेती में अपना विकल्प देख रहे हैं. दावा है कि देश के कई बड़े कृषि वैज्ञानिकों ने खेती की इस वैदिक तकनीक को लाभप्रद बताया है. आपको बता दें कि कानपुर निवासी पंकज मिश्र इस तकनीक के जरिए खेती कर रहे हैं. पंकज मिश्र ‘अग्निहोत्र’ के बाद बची हुई भस्म को खाद में मिलाते हैं जिससे मिट्टी को वह सभी जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं, जिसकी उसे जरूरत होती है. मिली जानकारी के अनुसार, पंकज मिश्रा पहले मार्केटिंग की फील्ड में काम करते थे, लेकिन जब उनका ध्यान अग्निहोत्र की तरफ गया और उन्होंने इसे इस्तेमाल करना शुरू किया तो उन्हें काफी फायदा हुआ. पंकज ने अग्निहोत्र फ्रेश फार्म नाम से एक स्टार्टअप कंपनी रजिस्टर की है, जोकि अग्निहोत्र कृषि के द्वारा पैदा किए गए उत्पादों की मार्केटिंग करेगी.