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मंदिर में ‘सांप-सांप’ की चीख और सेकंडों में साफ हो जाते थे गहने, गोरखपुर का शातिर गैंग ऐसे देता था वारदात को अंजाम

Gorakhpur Theft Gang: गोरखपुर के तरकुलहा देवी मंदिर परिसर में नकली रबर के सांप-छिपकली फेंककर भीड़ में अफरा-तफरी मचाने और गहने चोरी करने वाले 16 सदस्यीय गिरोह को पुलिस ने गिरफ्तार किया है.

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Gorakhpur Theft Gang: भीड़ से भरा मंदिर परिसर, श्रद्धालु पूजा में लीन और तभी अचानक किसी की चीख गूंजती है, “सांप! सांप!” एक पल में भगदड़ मच जाती है. लोग पीछे हटते हैं, कोई गिरता है, कोई अपने गहनों को संभालने की कोशिश करता है. अफरा-तफरी के उन कुछ सेकंडों में ही खेल हो जाता है और किसी को पता भी नहीं चलता कि उनका कीमती सामान कब और कैसे गायब हो गया. गोरखपुर और आसपास के जिलों में दहशत फैलाने वाले एक शातिर गिरोह का यही तरीका था. नकली रबर के सांप और छिपकली के सहारे यह गैंग भीड़ में डर फैलाकर लोगों के जेवर पार कर देता था. अब पुलिस ने इस संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ कर 16 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

तरकुलहा मंदिर बना था निशाना

गिरोह की नजर हमेशा भीड़भाड़ वाली जगहें जैसे मंदिर, बाजार, ऑटो और ई-रिक्शा पर रहती थी. खासतौर पर वे महिलाओं को टारगेट करते थे, क्योंकि वे अक्सर सोने-चांदी के गहने पहने होती हैं. गोरखपुर के तरकुलहा देवी मंदिर परिसर में भी इसी तरह की वारदातें हो रही थीं. जैसे ही श्रद्धालु दर्शन में व्यस्त होते, गिरोह के सदस्य अचानक रबर के सांप या छिपकली फेंक देते. डर और भगदड़ के माहौल में उनके साथी भीड़ में घुल-मिलकर गहने काट लेते या झटके से निकाल लेते थे.

8 महिलाएं और 8 पुरुष का संगठित गैंग

आपको बता दें कि यह कोई छोटा गिरोह नहीं था. इसमें 8 महिलाएं और 8 पुरुष शामिल थे और हर सदस्य की भूमिका तय थी. कोई डर फैलाने का काम करता, कोई भीड़ में मिलकर टारगेट को घेरता, कोई नेलकटर से गहने काटता और कोई तुरंत सामान लेकर निकल जाता.  महिलाओं की मौजूदगी इस गैंग की सबसे बड़ी चाल थी, क्योंकि वे आसानी से भीड़ में घुल जाती थीं और किसी को शक नहीं होता था.

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पुलिस ने ऐसे बिछाया जाल

पिछले कुछ समय से पुलिस को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि भीड़ वाले इलाकों में अजीब तरीके से चोरी हो रही है. लोगों ने बताया कि पहले सांप या छिपकली दिखती है और फिर उनका गहना गायब हो जाता है. जब पुलिस ने घटनाओं का पैटर्न जोड़ा तो एक संगठित गिरोह का शक मजबूत हुआ. चौरीचौरा पुलिस को सूचना मिली कि गैंग तरकुलहा मंदिर परिसर में सक्रिय है. इसके बाद सादी वर्दी में पुलिस टीम तैनात की गई. जैसे ही आरोपियों ने अपनी पुरानी चाल चली, पुलिस ने मौके पर घेराबंदी कर सभी 16 सदस्यों को दबोच लिया. 

बरामदगी से खुला नेटवर्क

गिरफ्तारी के बाद पुलिस को 2 पीली धातु (सोने जैसी) की चेन, 8 नेलकटर (गहने काटने के लिए), 4 रबर के सांप, 3 रबर की छिपकली, 5 चार पहिया वाहन, 4 एंड्रॉयड मोबाइल फोन और करीब 45,940 रुपये नकद मिले. पूछताछ में पता चला कि गिरोह के तार सिर्फ गोरखपुर तक सीमित नहीं थे, बल्कि गाजीपुर, मऊ और देवरिया जैसे जिलों तक फैले हुए थे. यह एक अंतरजनपदीय नेटवर्क था, जो अलग-अलग जगह वारदात कर आगे बढ़ जाता था.

कैसे देते थे वारदात को अंजाम

गैंग पहले भीड़भाड़ वाली जगह चुनता था. कुछ सदस्य पहले से वहां मौजूद रहते थे. अचानक नकली सांप या छिपकली फेंककर अफरा-तफरी मचाई जाती थी. उसी दौरान टारगेट को घेरकर नेलकटर से गहना काट लिया जाता या झटके से निकाल लिया जाता था. पूरी घटना कुछ सेकंड में खत्म हो जाती और पीड़ित को समझ भी नहीं आता कि क्या हुआ है. 

क्षेत्राधिकारी रत्नेश्वर सिंह के अनुसार, गिरोह खासतौर पर अकेले सफर कर रही महिलाओं को निशाना बनाता था. लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद जाल बिछाकर आरोपियों को पकड़ा गया है. सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है.

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