गोरखपुर में मोतियाबिंद के ऑपेरेशन के बाद आने लगा खून, 9 लोगों की निकालनी पड़ी हमेशा के लिए आंख
Cataract Operation Gone Wrong: गोरखपुर के न्यू राजेश हाइटेक हॉस्पिटल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद बड़ी लापरवाही सामने आई है. यहां आई कैंप में ऑपरेशन कराने वाले 30 मरीजों में से 18 की आंखों में भीषण संक्रमण फैल गया जिसके चलते 9 मरीजों की आंखें निकालनी पड़ीं.
ADVERTISEMENT

Cataract Operation Gone Wrong: गोरखपुर से एक ऐसी खौफनाक खबर सामने आई है जिसे पढ़कर मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने वाले किसी भी व्यक्ति की रूह कांप जाए.सिकरीगंज के न्यू राजेश हाइटेक हॉस्पिटल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने गए कई मरीजों की जिंदगी दांव पर लग गई. आरोप है कि न्यू राजेश हाइटेक हॉस्पिटल में लगे आई कैंप में ऑपरेशन के 24 घंटे के भीतर ही मरीजों की हालत बिगड़ने लगी. इसका नतीजा इतना भयानक रहा कि कुछ लोगों की आंख से खून निकलने लगा जिसके बाद उनकी आंखों को हमेशा के लिए निकालना पड़ा.
ऑपरेशन के बाद आंखों से निकलने लगा खून
इन्दारी के रहने वाले संजय सिंह ने जो बताया वो हैरान करने वाला है. वे बताते हैं कि 'मैं अपने पिताजी का ऑपरेशन कराने गया था. ऑपरेशन के बाद उनकी आंख से खून बहने लगा. अस्पताल ने पहले वाराणसी भेजा जहां से दिल्ली रेफर किया गया. लेकिन तब भी खून का बहना बंद नहीं हुआ. अंत में डॉक्टरों को पिता की आंख निकालनी पड़ी.' संजय ने बताया कि ऐसा ही कुछ उनकी भाभी के भी साथ हुआ. संजय के मुताबिक, उनकी भाभी के ऑपरेशन के बाद आंखों से पानी बहना शुरू हो गया जिसके बाद उन्हें गोरखपुर ले जाया गया. फिर वहां से दिल्ली रेफर कर दिया गया. आखिरकर उनकी भी आंख को निकालना पड़ा. संजय का कहना है कि उनके गांव में कई लोगों ने इस जगह से ऑपरेशन कराया है जो इसी अंधेरे का शिकार हुए हैं. वहीं रेखा नाम की एक महिला ने बताया कि उनकी सास समेत 18 लोग वहां गए थे. सभी की आंखों में तेज दर्द और मवाद भरने लगा था. हालत ऐसी थी कि मरीजों को लखनऊ और वाराणसी के चक्कर काटने पड़े.
1 फरवरी को लगा था आई कैंप
1 फरवरी को न्यू राजेश हाइटेक हॉस्पिटल में एक आई कैंप लगाया गया था जहां 30 मरीजों का मोतियाबिंद ऑपरेशन हुआ. ऑपरेशन के अगले ही दिन मरीजों की आंखों में गंभीर इन्फेक्शन फैल गया. मामला बढ़ते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची. कल्चर रिपोर्ट ने पुष्टि की है कि मरीजों की आंखों में सीवियर इन्फेक्शन था. प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अस्पताल के नेत्र विभाग को सील कर दिया है और ऑपरेशन करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ मजिस्ट्रेट जांच बैठा दी गई है.
यह भी पढ़ें...
9 लोगों की दुनिया में अब कभी उजाला नहीं होगा
जांच में सामने आया है कि इन्फेक्शन इतना गहरा था कि 9 मरीजों की आंखें सर्जरी कर बाहर निकालनी पड़ीं ताकि संक्रमण दिमाग तक न फैले. फिलहाल प्रशासन ने मरीजों के बयान दर्ज कर लिए हैं और मेडिकल रिपोर्ट को सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है.जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जांच रिपोर्ट आते ही दोषियों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई होगी.










