बिहार में ब्लैकलिस्टेड गुजराती कंपनी को कैसे मिला UP पुलिस भर्ती परीक्षा का ठेका? इनसाइड स्टोरी
UP Police Recruitment Exam Paper Leak Case : यूपी में इसी साल फरवरी को पुलिस भर्ती परीक्षा हुई थी. ये परीक्षा 60 हजार कांस्टेबलों की नौकरी के लिए हुई थी. लेकिन इसका पेपर लीक हो गया और परीक्षा रद्द कर दी गई.
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न्यूज़ हाइलाइट्स
यूपी में इसी साल 17 और 18 फरवरी को पुलिस भर्ती परीक्षा हुई थी. ये परीक्षा 60 हजार कांस्टेबलों की नौकरी के लिए हुई थी.
यूपी में इस महत्वपूर्ण भर्ती की परीक्षा की जिम्मेदारी एक ऐसी गुजराती कंपनी को सौंपी गई थी, जो बिहार में ब्लैकलिस्ट थी.
एसटीएफ का दावा है कि एडुटेस्ट कंपनी के अहमदाबाद वाले गोदाम से यूपी पुलिस भर्ती का पेपर लीक हुआ.
Edutest news: उत्तर प्रदेश और देशभर में इस वक्त पेपर लीक का मुद्दा छाया हुआ है. इस साल फरवरी में यूपी में कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा में हुए पेपर लीक से होते हुए ये मामला अब NEET-UG और NET परीक्षा में गड़बड़ी तक आ पहुंचा है. इस बीच यूपी Tak की पड़ताल में पुलिस भर्ती परीक्षा के पेपर लीक को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई है. यूपी में इस महत्वपूर्ण भर्ती की परीक्षा की जिम्मेदारी एक ऐसी गुजराती कंपनी को सौंपी गई थी, जो 2017 में बिहार में हुए पेपर लीक के मामले में न सिर्फ ब्लैक लिस्ट हो चुकी थी, बल्कि इसका मालिक भी जेल जा चुका था. यह कंपनी है EduTest और पिछले दिनों यूपी सरकार ने इसे ब्लैक लिस्ट करने का फैसला लिया है. पर सवाल यह उठ रहे हैं कि आखिर एक ब्लैक लिस्ट कंपनी को इतनी अहम परीक्षा कराने का ठेका मिला कैसे? इस सवाल का जवाब जानने के लिए हमने गुजराती कंपनी EduTest की पूरी यात्रा पर नजर डाली तो एक बड़ा खेल सामने आया.