सोना और चांदी की कीमतें हुईं धड़ाम, एक्सपर्ट ने बताया दिया ये और सस्ते होंगे या महंगे
बजट 2026 के ऐलान के बाद बाजार में गिरावट और सोना-चांदी की कीमतों में कमी देखी गई. निवेशकों में पैनिक सेलिंग बढ़ी, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि यह अस्थायी है और लंबी अवधि के लिए निवेश का अच्छा अवसर हो सकता है.
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट 2026 के ऐलानों के बाद शेयर बाजार और सोना-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आई है. चार्टर्ड अकाउंटेंट मनोज लांबा के अनुसार यह 'पैनिक सेलिंग' है यानी निवेशकों की घबराहट में हुई बिक्री जो निवेशकों के लिए खरीद का अच्छा अवसर भी बन सकती है.

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बता दें कि बाजार में गिरावट का सबसे बड़ा कारण फ्यूचर और ऑप्शन (F&O) सेक्शन में सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को बढ़ाना है. सरकार ने इसे 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया है.

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सेबी की रिपोर्ट के अनुसार रिटेल निवेशकों में से 93% को F&O में नुकसान होता है. सरकार ने सट्टेबाजी रोकने और छोटे निवेशकों के पैसे बचाने के लिए यह कदम उठाया है. टैक्स बढ़ने की खबर सुनते ही कई सट्टेबाज और निवेशक मुनाफावसूली करने लगे, जिससे बाजार में तेजी से गिरावट आई.

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कई महीनों तक रिकॉर्ड स्तर पर चल रहे सोना और चांदी के दाम बजट के बाद अचनक गिर गए. यह उन परिवारों के लिए अच्छा मौका हो सकता है जो शादियों या अन्य आयोजनों के लिए खरीदारी करना चाहते हैं.

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मनोज लांबा का कहना है कि सारा पैसा एक बार में निवेश न करें. SIP (सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) की तरह हर महीने थोड़ी राशि निवेश करें. गोल्ड इन्वेस्टमेंट प्लान (GIP) या सिल्वर इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) अपनाना सही रहेगा.

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विशेषज्ञ मानते हैं कि यह गिरावट अस्थायी है. अगले 3-5 दिनों में बाजार की पैनिक खत्म हो सकती है और बाजार फिर संभल सकता है. अभी मार्केट गिरा हुआ है इसलए लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सोना, चांदी और शेयरों में निवेश करना सही समय हो सकता है.
(डिस्क्लेमर- शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है. सोना-चांदी या गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ या शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह लेना जरूरी है.)









